हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MP PSC) दफ्तर के सामने किया गया धरना प्रदर्शन अब प्रदर्शनकारियों पर भारी पड़ गया है। प्रदर्शन के दौरान ध्वनि नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों से अधिक पाया गया
प्रदर्शनकारियों को पहले ही प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और तय डेसिबल सीमा में ही आवाज रखने की सख्त हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद 27 तारीख तक चले धरने के दौरान नियमों की अनदेखी होने की शिकायतें मिलीं। धरना खत्म होने के बाद जब ज्ञापन सौंपा गया, तब भी ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों से अधिक पाया गया। बताया जा रहा है कि माइक की आवाज तय डेसिबल सीमा से ज्यादा थी, जिससे आसपास के क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति बनी। इस मामले में पुलिस ने संयोगितागंज थाने में केस दर्ज किया है।
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मामले में आगे की जांच जारी
कार्रवाई के दायरे में राधे जाट, रंजीत समेत कुल चार नामजद आरोपी शामिल हैं, जबकि कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच में ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन गंभीर मामला है और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करते समय तय शर्तों का पालन अनिवार्य है। मामले में आगे की जांच जारी है।

