वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के सोहसराय थाना क्षेत्र के सलेमपुर मोहल्ले में एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने अपने ही पड़ोस के एक युवक पर स्नान के दौरान चोरी-छिपे मोबाइल से वीडियो और तस्वीर बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी निजता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
घर में अकेली थी किशोरी
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस वक्त घटी जब किशोरी घर पर बिल्कुल अकेली थी और उसके माता-पिता दोनों अपने-अपने कार्यस्थल पर गए हुए थे। किशोरी जब बाथरूम में स्नान कर रही थी, तभी पड़ोसी युवक मौका पाकर घर की पीछे वाली बाउंड्री वॉल पर चढ़ गया। वह रोशनदान के पास पहुंचा और मोबाइल कैमरे के जरिए अंदर का वीडियो और तस्वीरें कैद करने की कोशिश करने लगा। किशोरी को जैसे ही इस संदिग्ध हरकत का अहसास हुआ, उसने बिना डरे तुरंत सूझबूझ दिखाई और अपने माता-पिता को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। इसके साथ ही तुरंत सहायता के लिए डायल-112 पर भी कॉल किया गया।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी हरकतें
पीड़ित किशोरी के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपी युवक की ऐसी हरकतें पहली बार नहीं हुई हैं, बल्कि वह पहले भी इस तरह के कृत्य को अंजाम दे चुका है। उस समय परिवार ने सामाजिक मान-मर्यादा, आपसी मेल-मिलाप और आरोपी के परिजनों के हाथ-जोड़ने व अनुरोध के कारण पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। परिवार का यह भी कहना है कि आरोपी और उसके कुछ साथी अक्सर घर के आसपास बेवजह घूमते रहते हैं और विरोध करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न करते हैं हालांकि इन अतिरिक्त आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस की शुरुआती कार्यशैली पर उठे सवाल
घटना के बाद जब पीड़ित परिवार सोहसराय थाना पहुंचा तो शुरुआती दौर में पुलिस के रवैये को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। पीड़ित पिता के मुताबिक थाने में लिखित आवेदन देने के बावजूद पुलिस ने उन्हें रिसिविंग नहीं दी। न्याय की उम्मीद में परिवार ने हार नहीं मानी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय विधायक से भी संपर्क साधा। उच्च स्तर से सुगबुगाहट होने के बाद सोहसराय थाना पुलिस हरकत में आई और परिवार का आवेदन स्वीकार किया गया।
पुलिस की जांच और तकनीकी पड़ताल
सोहसराय थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है और इस पर त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने आरोपी युवक का मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर उसकी गहन जांच की है जिसमें शुरुआती तौर पर ऐसा कोई आपत्तिजनक फोटो या वीडियो नहीं मिला है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पीड़ित परिवार की सख्त कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से इस मामले की उच्चस्तरीय और गहराई से जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि आरोपी ने वीडियो डिलीट कर दिया हो तो डिजिटल फोरेंसिक टीम की मदद से सामग्री बरामद की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की भी पुरजोर मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।


