वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के बिहारशरीफ स्थित कमरूद्दीनगंज के जेपी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक 25 वर्षीय प्रसूता नेहा कुमारी की मौत के बाद बड़ा बवाल मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल परिसर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतका के पति सुरजीत सिंह (निवासी सहनुल्ली बिगहा, बेलछी, पटना) ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत और दोबारा सर्जरी
पति सुरजीत सिंह के अनुसार, वे 18 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10 बजे अपनी पत्नी को डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह के पास लाए थे। जांच और अल्ट्रासाउंड के बाद डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों द्वारा सदर अस्पताल या किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के पास ले जाने की बात कहने पर भी अस्पताल में ही ऑपरेशन कराने का दबाव बनाया गया। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, लेकिन इसके तुरंत बाद डॉक्टर ने अत्यधिक रक्तस्राव होने की बात कही और बच्चेदानी निकालने के लिए दोबारा सर्जरी तथा अतिरिक्त पैसों की मांग की। परिजनों द्वारा पैसे जमा कराने के बावजूद शाम चार बजे के करीब डॉक्टरों ने मरीज को बचाने में असमर्थता जताते हुए उसकी मौत की सूचना दी।


पुलिस कार्रवाई और प्रशासन का पक्ष
महिला की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और कोहराम मच गया। हंगामे की सूचना मिलने पर लहेरी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। लहेरी थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने जानकारी दी कि महिला डिलीवरी के लिए भर्ती हुई थी जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, परिजनों की ओर से फिलहाल कोई लिखित आवेदन या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है।



जांच के बाद ही खुलेगा मौत का राज
इस पूरी घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सकीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस अस्पताल में पहले भी ऑपरेशन के दौरान इस तरह की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब यह पूरा मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और पुलिस की विस्तृत जांच पर टिका हुआ है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला किसी अनपेक्षित मेडिकल कॉम्प्लिकेशन का था या फिर इलाज में हुई बड़ी लापरवाही का। परिवार लगातार न्याय और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।



