बेगूसराय की रहने वाली 31 वर्षीय रागिनी कुमारी की महाराष्ट्र के पुणे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। रागिनी अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति और दो बच्चों के साथ पुणे में रह रही थी। इस घटना के सामने आने के बाद मायके वालों ने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
9 साल पहले हुई थी शादी, बीटेक थी रागिनी
मृतका रागिनी बेगूसराय जिला मुख्यालय के रहने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार रामकिशोर मिश्रा की बेटी थीं। उनकी शादी करीब 9 साल पहले समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के शासन गांव निवासी हरेराम राय के बेटे धीरज कुमार राय से हुई थी। धीरज पुणे में प्रतिष्ठित कंपनी टीसीएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। रागिनी ने खुद बीटेक की पढ़ाई की थी और शादी से पहले नौकरी करती थीं, लेकिन शादी के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। दंपती के दो बच्चे हैं एक 8 साल का बेटा और 7 साल की बेटी।
गणपति पूजा की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदली
परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन यानी 14 सितंबर को रागिनी के घर में परिवार के साथ गणपति बप्पा की पूजा की गई थी। इस दौरान की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें पूरा परिवार बेहद खुश और सामान्य नजर आ रहा है। लेकिन उसी रात करीब 8:30 बजे पुणे की अविला सोसाइटी स्थित उनके फ्लैट से रागिनी का शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मायके वाले पुणे पहुंचे और पुलिस को आवेदन देकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। रागिनी के पिता ने बेटी की गर्दन पर नीले और काले निशान होने की बात कहते हुए हत्या की आशंका जताई है।
रक्षाबंधन के गिफ्ट और मोबाइल विवाद से जुड़ा आरोप
मायके पक्ष का आरोप है कि रागिनी को लंबे समय से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इस साल रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रागिनी के भाई उत्तम मिश्रा ने उन्हें एक मोबाइल फोन गिफ्ट किया था। आरोप है कि पति धीरज ने इसका कड़ा विरोध किया और वह मोबाइल अपने पास ही रख लिया। भाई गौतम द्वारा पुणे के बावधन थाने में दिए गए आवेदन में इसे मानसिक प्रताड़ना और संपर्क काटने की साजिश से जोड़ा गया है।
गांव में बैठी पंचायत और बच्चों के भविष्य का फैसला
शव को पैतृक गांव समस्तीपुर लाया गया, जहां दोनों पक्षों के लोगों की मौजूदगी में एक पंचायत हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने धीरज से मोबाइल विवाद और मायके से बातचीत बंद रखने को लेकर कड़े सवाल किए। पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि धीरज की पैतृक संपत्ति में दोनों बच्चों का हिस्सा सुरक्षित रखा जाएगा, बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया जाएगा और रागिनी के नाम जमा राशि भी बच्चों को दी जाएगी। साथ ही, धीरज के दोबारा शादी नहीं करने और बच्चों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी लेने पर सहमति बनी। फिलहाल पुणे पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



