पटना। राजनीतिक का रूप तेजी से बदल रहा है और जनप्रतिनिधियों के लिए अब केवल पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ना काफी नहीं है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLC) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। पार्टी का मानना है कि सदन के भीतर अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखना और जनता के मुद्दों को सही मंच पर उठाना जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, जिसके लिए उन्हें तकनीकी और अकादमिक रूप से दक्ष होना बेहद जरूरी है।

​अब लाठी और हंगामे की नहीं

​इस अहम प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राजनीति का तरीका अब पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दौर अब लाठी में तेल लगाने या केवल सतही हंगामे की राजनीति का नहीं है। वर्तमान समय में जनता विकास चाहती है और सदन के अंदर अकादमिक बहस, सटीक आंकड़ों और ठोस तर्कों के साथ अपनी बात रखने की कला आनी चाहिए। जेडीयू की यह पहल इसी आधुनिक राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

​दिल्ली से आएंगे विशेष विशेषज्ञ

​पार्टी के नवनिर्वाचित और अनुभवी जनप्रतिनिधियों को आधुनिक कार्यशैली से रूबरू कराने के लिए दिल्ली से विशेष एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। यह विशेषज्ञ जेडीयू के सभी विधायकों और एमएलसी को प्रशिक्षण देंगे कि विधानसभा और विधान परिषद के पटल पर किस तरह से तीखे, सारगर्भित और जनहित से जुड़े सवाल उठाए जाएं। इसके साथ ही, अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास से जुड़ी समस्याओं को सदन में किन प्रभावी माध्यमों से रखा जाए, ताकि सरकार और प्रशासन का ध्यान उस ओर तुरंत आकर्षित हो सके, इसकी भी व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।

​पीएम मोदी को दी बधाई, यूसीसी पर साधी चुप्पी

​प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चाएं गर्म रहीं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर संजय झा ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के अब तक के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके जीवन के 25 साल जिस निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा में बीते हैं, वह वाकई प्रेरणादायक और अद्भुत है। हालांकि, मीडियाकर्मियों द्वारा जब उनसे समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे संवेदनशील और ज्वलनशील मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से परहेज किया और बिना कुछ कहे वहां से निकल गए।