चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित 500 सरकारी स्कूलों के लिए नए भवन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन स्कूलों के नए भवन मौजूदा स्थानों के बजाय उपलब्ध अन्य जमीनों पर ग्रीनफील्ड मॉडल के तहत नए सिरे से तैयार किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।

सितंबर 2025 में पंजाब में आई भीषण बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सतलुज और रावी नदी के आसपास बसे जिलों में देखने को मिला था। बाढ़ के दौरान प्रदेश के करीब 7,000 सरकारी स्कूल प्रभावित हुए थे। इनमें से 500 स्कूलों की इमारतों को इतना नुकसान पहुंचा कि उनके कई हिस्से पानी के तेज बहाव में ढह गए। शिक्षा विभाग ने विस्तृत सर्वे करवाने के बाद इन भवनों को कंडम घोषित कर दिया।

इन 500 स्कूलों में 4 सीनियर सेकेंडरी, 9 मिडिल, 3 हाई स्कूल और 484 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। विभाग की रिपोर्ट में इन इमारतों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक इन भवनों में विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाई कराना सुरक्षित नहीं है।

विश्व बैंक की मदद से बनेंगे आधुनिक स्कूल

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के अनुसार पंजाब सरकार को विश्व बैंक से करीब 2,500 करोड़ रुपये का बजट मिल रहा है। इसी वित्तीय सहायता के तहत बाढ़ से प्रभावित स्कूलों के लिए नए ग्रीनफील्ड भवन विकसित किए जाएंगे।

नए स्कूलों में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, छात्राओं के लिए सुविधाजनक शौचालय, सैनिटरी पैड इन्सिनरेटर, स्वच्छ पेयजल और वाई-फाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

96 स्कूलों के पास अब भी अपनी इमारत नहीं

पंजाब में 96 ऐसे सरकारी स्कूल भी हैं, जिनके पास अभी तक अपना भवन नहीं है। इनमें से कई स्कूल गुरुद्वारों और धर्मशालाओं के कमरों में संचालित किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग इन स्कूलों के लिए भी स्थायी भवन बनाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन जमीन की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि भवन निर्माण के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट है, लेकिन कई क्षेत्रों में स्कूल के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण कुछ इलाकों में खाली जमीन की कमी हो गई है। ऐसे में सरकार वैकल्पिक रास्तों पर काम कर रही है, ताकि इन स्कूलों को भी जल्द स्थायी और सुविधाजनक भवन उपलब्ध कराया जा सके।