चंडीगढ़। पंजाब में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए चलाई जा रही आशीर्वाद योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 12,784 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। राज्य सरकार की ओर से इन लाभार्थियों के लिए कुल 65.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने शनिवार को यह जानकारी साझा की।

योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय मदद दी जाती है। इसका मकसद जरूरतमंद और वंचित वर्गों के परिवारों पर शादी के खर्च का आर्थिक बोझ कम करना है। नियमों के मुताबिक, एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।

अनुसूचित जाति के 8,774 लाभार्थियों को मिली सहायता

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक अनुसूचित जाति वर्ग के 8,774 लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि भेजने के लिए 44.75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 4,010 लाभार्थियों को 20.45 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।

13,525 अन्य आवेदकों के मामलों में जारी है प्रक्रिया

डॉ. बलजीत कौर के मुताबिक, योजना के तहत सहायता उपलब्ध कराने के लिए बड़ी संख्या में अन्य आवेदनों पर भी काम किया जा रहा है। इनमें अनुसूचित जाति वर्ग के 9,183 और पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 4,342 लाभार्थियों के मामले शामिल हैं। इस तरह कुल 13,525 आवेदकों की सहायता से संबंधित प्रक्रिया जारी है।

बैंक खातों में सीधे पहुंचती है रकम

मंत्री ने बताया कि आशीर्वाद योजना की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों की जांच और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र परिवारों को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

डॉ. कौर ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजना के दायरे में आने वाला कोई भी पात्र परिवार आर्थिक मदद से वंचित न रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।