फिल्लौर/चंडीगढ़: पंजाब में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस बल के विस्तार का बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस विभाग में 10,000 नए पदों पर भर्ती की जाएगी।

फिल्लौर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पुलिस अकादमी में पुलिस अधिकारियों को सम्मानित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस को हर वैध कदम उठाने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को गांवों और कस्बों तक पहुंचकर लोगों को इस अभियान से जोड़ने और नशे के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ बना जन-जागरूकता अभियान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान अब केवल सरकारी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में जन-जागरूकता आंदोलन का रूप ले चुका है। सरकार का लक्ष्य नशे की तस्करी पर शिकंजा कसने के साथ-साथ आम लोगों को भी इस लड़ाई में सक्रिय रूप से जोड़ना है।

450 ASI और 3,400 पुलिसकर्मियों की भर्ती

भगवंत मान ने बताया कि पंजाब पुलिस में जल्द ही 450 सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) की सीधी भर्ती की जाएगी। इसके अलावा करीब 3,400 पुलिसकर्मी पहले ही भर्ती हो चुके हैं और फिलहाल प्रशिक्षण ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल को मजबूत करने के साथ-साथ सरकार पुलिस विभाग का आधुनिकीकरण भी कर रही है, ताकि कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।

अगले वित्त वर्ष में 10 हजार पदों का विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में पुलिस विभाग के 10,000 अतिरिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने का प्रस्ताव है। इससे पंजाब पुलिस की ताकत बढ़ेगी और नशे समेत अन्य अपराधों से निपटने के लिए पुलिस को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।

NDPS एक्ट को और सख्त करने पर केंद्र से चर्चा

भगवंत मान ने यह भी कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के लिए स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम को और सख्त बनाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ चर्चा कर रही है। सरकार का उद्देश्य नशे के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार कर पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में कार्रवाई को और तेज करना है.