जालंधर। पंजाब ने आज पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी करने का ऐतिहासिक पल को यादगार बना दिया. इस चैंपियनशिप का उद्घाटन आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में किया. इस मेजबानी के साथ पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों का बहुत बड़ा सपना पूरा हुआ.

खिलाड़ियों के चेहरे में इस पल की खुशी साफ झलक रही थी. इस दौरान मुख्यमंत्री कहा, “पंजाब और हॉकी का अटूट रिश्ता है. भारतीय हॉकी में राज्य का योगदान केवल खिलाड़ियों के रूप में भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी विरासत है, जिसका निर्माण जुनून, त्याग, अनुशासन और दृढ़ खेल भावना से हुआ है. हॉकी और पंजाब का गहरा रिश्ता है.

इस मौके पर छह देशों की टीमों ने पंजाब की धरती में कदम रखा. खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए और उनके कप्तानों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब विश्व हॉकी के मंच पर अपना पुराना गौरव पुनः प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश, चीन, जापान, कोरिया और मलेशिया से आई टीमों का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस अवसर पर उन्होंने ओलंपियनों, पूर्व खिलाड़ियों, हॉकी इंडिया और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के प्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का भी स्वागत किया.

जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में ‘हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की पहली बार मेजबानी करना पंजाब के लिए ऐतिहासिक क्षण है. यह भारतीय हॉकी में पंजाब के असाधारण योगदान के प्रति सम्मान और गौरव का प्रतीक है.

नई पीढ़ी हो रही तैयार

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि यह गर्व का विषय है, पंजाब सरकार राज्य की खेल प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने और चैंपियनों की नई पीढ़ी तैयार करने के लिए खेल ढांचे को मजबूत कर रही है. जमीनी स्तर पर खेलों में भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है और खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाबी खिलाड़ियों के अमूल्य योगदान के बिना भारतीय हॉकी के इतिहास की कल्पना करना भी मुश्किल है. पंजाब अपनी उपजाऊ धरती, मेहनती किसानों और देश की खाद्य सुरक्षा में योगदान के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. इसके साथ ही पंजाब की धरती ने ऐसे ओलंपियन, विश्व चैंपियन और खेल नायक भी पैदा किए हैं, जिन्होंने दुनिया भर में तिरंगे का गौरव बढ़ाया है. हॉकी पंजाब के खून में समाई हुई है और हर पीढ़ी के खिलाड़ियों ने इस विरासत को पूरे गर्व के साथ आगे बढ़ाया है.

हाॅकी में पंजाब का योगदान शुरू से रहा

भारतीय हॉकी में पंजाब के शानदार योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा पंजाब ने वर्ष 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक तक देश को 77 हॉकी ओलंपियन दिए हैं, जिनमें से राज्य के 48 खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं. पंजाबी खिलाड़ियों ने 10 अवसरों पर ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी भी की है, जो खेल के क्षेत्र में पंजाब के निरंतर नेतृत्व को दर्शाता है.

महान हॉकी खिलाड़ियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह, पृथिपाल सिंह, अजीत पाल सिंह, सुरजीत सिंह और परगट सिंह के योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेंगी.