चंडीगढ़: मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की मुसीबत बढ़ती जा रही है. उन्हें 9 अक्टूबर को अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अर्जी पर अदालत ने बुधवार को भुल्लर के लिए पेशी वारंट जारी किया था.

जानकारी मिली है कि भुल्लर को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन इस बीच ही शहर में एक VVIP के दौरे के चलते पुलिसकर्मियों की उपलब्धता नहीं होने के कारण भुल्लर को अदालत में पेश नहीं किया जा सका. फिलहाल हरचरण सिंह भुल्लर CBI की गिरफ्त में हैं. ED ने 6 नवंबर 2025 को इस मामले में इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी.

भुल्लर को CBI ने 16 अक्टूबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 की धाराओं 7 और 7-A के तहत दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था. CBI ने यह FIR आकाश बत्ता की शिकायत पर दर्ज की थी. आरोप है कि रोपड़ रेंज में DIG रहते हुए भुल्लर ने थाना सरहिंद में दर्ज एक FIR में राहत दिलाने के नाम पर कृष्णू शारदा के जरिए कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद इस मामले की शिकायतें समाने आईं.

अदालत के आदेश में कहा गया कि भुल्लर, जो 16 अक्टूबर 2025 की FIR के संबंध में जेल में बंद हैं, को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश किया गया था. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ED के मामले में उन्हें अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है. अदालत ने निर्देश दिया कि भुल्लर को 9 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष पेश किया जाए. इसके लिए नया पेशी वारंट जारी किया गया है.