पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपनी पत्नी अनीता कटारिया के साथ शुक्रवार को तरनतारन में स्थित गुरुद्वारा श्री बाउली साहिब में मत्था टेका।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी एवं कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों ने गुरुद्वारे में राज्यपाल को सम्मानित किया।
राज्यपाल गुरुद्वारा श्री बाउली साहिब में लगभग एक घंटे तक रुके और इस दौरान उन्होंने ‘लंगर’ व्यवस्था का जायजा लिया।
कटारिया ने कहा कि अगर आज देश की धार्मिक संस्कृति, परंपराएं और संस्कार सुरक्षित हैं तो इसका श्रेय सिख गुरुओं को जाता है।

उन्होंने कहा कि देश की धार्मिक संस्कृति को बचाने के लिए सिख गुरुओं द्वारा दिया गया योगदान और बलिदान इतिहास में अमर है।
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