पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने भर्ती नियमों पर अहम फैसला सुनाया है। आरक्षण का लाभ लेने वाले उम्मीदवार जनरल कैटेगरी में माइग्रेट नहीं हो पाएंगे।

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकारी भर्तियों में आरक्षण के नियमों को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि जिन अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के किसी भी चरण में आरक्षण का लाभ उठाया है, वे बाद में अनारक्षित यानी जनरल श्रेणी में माइग्रेशन का दावा करने के पात्र नहीं होंगे। यह निर्णय जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने हरियाणा में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के 805 पदों की भर्ती से जुड़े पुनर्विचार आवेदनों पर सुनवाई के दौरान दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरक्षण का लाभ और अनारक्षित श्रेणी का लाभ दोनों एक साथ नहीं मिल सकते।

आरक्षण का लाभ लेने पर पाबंदी

खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि किसी उम्मीदवार ने आयु सीमा में छूट, आवेदन शुल्क में रियायत या अन्य किसी भी प्रकार की आरक्षण संबंधी सुविधा ली है, तो उसे सामान्य वर्ग की सीटों पर विचार का अधिकार नहीं होगा। हालांकि, अदालत ने उन अभ्यर्थियों के लिए राहत का द्वार भी खोला है, जिन्होंने आरक्षित श्रेणी में आवेदन तो किया, लेकिन किसी भी प्रकार की रियायत नहीं ली। ऐसे उम्मीदवारों के अंक यदि सामान्य वर्ग की कटऑफ से अधिक हैं, तो उन्हें मेरिट के आधार पर अनारक्षित सीटों पर चयन का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और नियमों के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।

तीन महीने में पूरी करें प्रक्रिया

अदालत ने हरियाणा लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे उन सभी उम्मीदवारों के दावों की बारीकी से जांच करें जिन्होंने आरक्षण का लाभ लिया था। राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए शपथ पत्र के आधार पर कोर्ट ने कहा कि जो उम्मीदवार रियायतें ले चुके हैं, उन्हें जनरल कैटेगरी में शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, जो पुनर्विचार याचिकाकर्ता अपनी मेरिट के आधार पर सामान्य वर्ग में चयनित पाए जाते हैं, उन्हें वरिष्ठता का लाभ उनके जूनियर समकक्षों की नियुक्ति तिथि से मिलेगा। अदालत ने इन निर्देशों का पालन करते हुए पूरी चयन प्रक्रिया को अगले तीन महीनों के भीतर संपन्न करने का आदेश दिया है, जिससे लंबे समय से लंबित इस भर्ती विवाद का समाधान हो सके।