चंडीगढ़। पंजाब सिविल सर्विस (PCS) मेन्स परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने रिजल्ट में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कई सवाल उठाए हैं। शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मामले में भगवंत मान सरकार से जवाब मांगा है।

शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और लीगल सेल के अध्यक्ष एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के एक-एक कमरे से 10 से 11 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इसके अलावा लगातार रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों के चयन और परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों के रोल नंबर मेरिट सूची में शामिल होने के आरोप भी सामने आए हैं।

कलेर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे इन गंभीर संदेहों का जवाब सरकार कब देगी।

4 नवंबर की रात जारी हुआ था PCS मेन्स का परिणाम

पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) ने 4 नवंबर 2026 की देर रात PCS मेन्स परीक्षा का परिणाम जारी किया था। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 331 पदों को भरा जाना है। आयोग की ओर से घोषित परिणाम में 751 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चयनित किया गया है।

रिजल्ट सामने आने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर और परीक्षा केंद्रों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे।

एक ही कमरे से 10 से 11 उम्मीदवारों के चयन का दावा

अभ्यर्थियों की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, कुछ परीक्षा केंद्रों के चुनिंदा कमरों में चयन का अनुपात काफी अधिक रहा है।

  • सेंटर-7, कमरा नंबर-8: यहां परीक्षा देने वाले 24 अभ्यर्थियों में से 11 का इंटरव्यू के लिए चयन हुआ। यह करीब 45.8 प्रतिशत है।
  • सेंटर-11, कमरा नंबर-14: यहां 24 में से 10 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए। चयन का अनुपात 41.7 प्रतिशत रहा।
  • सेंटर-4, कमरा नंबर-19: इस कमरे में भी 24 में से 10 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब एक ही कमरे से इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार सफल हुए हैं, तो इन आंकड़ों की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ये आंकड़े अभ्यर्थियों के दावों पर आधारित हैं और इनसे अपने आप किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं होती।

लगातार रोल नंबर वाले 86 अभ्यर्थियों के चयन पर सवाल

विवाद का दूसरा बड़ा कारण लगातार रोल नंबर वाले उम्मीदवारों का चयन बताया जा रहा है। अभ्यर्थियों के विश्लेषण के मुताबिक, चयनित सूची में 86 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके रोल नंबर लगातार चलने वाले समूहों में हैं।

इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इतने बड़े स्तर पर लगातार रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों का चयन महज संयोग है या आयोग को इसकी जांच करानी चाहिए।

331 पदों के मुकाबले 751 उम्मीदवार ही इंटरव्यू के लिए चयनित

अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू के लिए चयनित उम्मीदवारों की संख्या पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यदि प्रत्येक पद के लिए तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का नियम लागू किया जाता है, तो 331 पदों के लिए कुल 993 अभ्यर्थियों को चयनित किया जाना चाहिए था।

हालांकि, घोषित परिणाम में केवल 751 उम्मीदवारों को ही अगले चरण के लिए चुना गया है। ऐसे में अभ्यर्थी आयोग से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि चयन का अनुपात किस नियम और प्रक्रिया के आधार पर तय किया गया।

परीक्षा में अनुपस्थित उम्मीदवारों के चयन का भी आरोप

इस पूरे विवाद में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि ऐसे रोल नंबर भी चयनित उम्मीदवारों की सूची में दिखाई दे रहे हैं, जिनसे जुड़े अभ्यर्थी मेन्स परीक्षा में अनुपस्थित थे। इस दावे को लेकर भी आयोग से स्पष्टीकरण और जांच की मांग की जा रही है।

अकाली दल ने भगवंत मान सरकार से मांगा जवाब

PCS मेन्स रिजल्ट को लेकर उठे विवाद पर अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और आयोग की जिम्मेदारी है। अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए सवालों का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाना चाहिए।

फिलहाल, इन आरोपों पर पंजाब सरकार और PPSC की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने का इंतजार है। अब देखना होगा कि आयोग इन दावों की जांच कराता है या भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर अपना पक्ष रखता है।