जालंधर : समूह अध्यापक संगठन में एक बार फिर से नाराजगी देखी जा रही हैं. इसके अंतर्गत कई तरह की मांगो को लेकर संघ एकजुट होकर आवाज उठाते नजर आ रहा है. पंजाब की तरफ से आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में सहायक कमिश्नर डॉ. वरुण कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया.

इस मामले में जत्थेबंदियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो पंजाब भर के शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम करेंगे, क्योंकि अन्य शिक्षकों से करवाए जा रहे विभिन्न गैर-शैक्षणिक कार्य विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा बन रहे हैं. उन्होंने मांग की कि शिक्षकों से हर प्रकार के गैर-शैक्षणिक काम करवाने बंद किए जाएं और अनावश्यक डाक मंगवाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए.

खर्च का भुगतान नहीं होने का आरोप

जत्थेबंदी नेताओं नवप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह जोसन, तरसेम लाल, बलजीत सिंह कुलार, सुखविंदर सिंह मरड़, गुरदीप सिंह, जसवीर सिंह, जसपाल सिंह, बलवंत सिंह, रूपिंदरजीत सिंह इस दौरान शामिल थे. सभी ने स्कूलों में सफाई सेवकों की नियुक्ति, विद्यार्थियों की खेल गतिविधियों के लिए खेल फंड जारी करने तथा ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ में विद्यार्थियों की जबरन रजिस्ट्रेशन बंद करने की मांग की. इसके अलावा पिछले पांच महीनों में शिक्षकों द्वारा मिड-डे मील पर किए खर्च का भुगतान करने और राशन व फलों के बिलों पर जीएसटी की शर्त हटाने की मांग भी रखी गई.

नेताओं ने कहा कि एसएमसी कमेटियों के माध्यम से शिक्षकों से सरकारी गैर-शैक्षणिक योजनाओं का प्रचार करवाना बंद किया जाए तथा अध्यापकों, कर्मचारियों व पेंशनरों की जायज मांगों का भी जल्द समाधान किया जाए. उन्होंने कहा कि मांगें पूरी न होने पर शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों का बहिष्कार करने के साथ पंजाब मुलाजिम व पेंशनर संयुक्त फ्रंट तथा संयुक्त कर्मचारी मंच पंजाब की संयुक्त तालमेल कमेटी द्वारा घोषित संघर्ष के प्रत्येक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे.