Pushkar Animal Fair 2026: अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला 10 नवंबर से शुरू होकर 26 नवंबर तक चलेगा। मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पशुपालकों के लिए अस्थाई भूखंड आवंटन की व्यवस्था बदली गई है। मेले के बीच नई सड़क बनने के कारण पुरानी प्लॉट व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब करीब 520 भूखंडों के लिए पशुपालकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और आवेदन की जांच के बाद लॉटरी से प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।

7 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन की तैयारी
जिला पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. श्रीकांत कोड़वे के मुताबिक, मेले में पशुपालकों के लिए करीब 520 भूखंड रखे गए हैं। इनमें 50×500 और 50×100 फीट आकार के प्लॉट शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण के सहयोग से पोर्टल तैयार कराया जा रहा है। इसे जल्द लॉन्च किया जाएगा। संभावित तौर पर 7 अक्टूबर से पशुपालक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी
प्लॉट के लिए आवेदन करते समय पशुपालक को अपना नाम, आधार कार्ड और पशुओं की संख्या की जानकारी देनी होगी। इसके साथ पशुओं के हेल्थ चेकअप के दौरान चिकित्सक की फोटो और तैयार किया गया हेल्थ सर्टिफिकेट भी अपलोड करना होगा। पशुओं की संख्या के आधार पर छोटे और बड़े भूखंड का आवंटन किया जाएगा। आवेदन की तारीख से करीब 15 दिन बाद लॉटरी के जरिए अस्थाई प्लॉट दिया जाएगा। लॉटरी से पहले सभी आवेदनों की जांच होगी। आवेदन में गलत जानकारी या किसी तरह की त्रुटि मिलने पर उसे निरस्त कर दिया जाएगा और पशुपालक को इसकी सूचना दी जाएगी।
A से K तक सेक्टर में बांटे गए भूखंड
मेले में पशुओं के लिए आवंटित होने वाले भूखंडों को A से K तक अलग-अलग सेक्टर में बांटा गया है। इससे पशुपालकों के लिए प्लॉट आवंटन और मेले में व्यवस्था को व्यवस्थित करने की तैयारी है।
ऊंट पालकों के लिए अलग रहेंगे चार सेक्टर
ऊंट पालकों के लिए प्लॉट आवंटन की अलग व्यवस्था की गई है। विभाग के मुताबिक ऊंट पालक आमतौर पर सामूहिक रूप से रहना पसंद करते हैं और इसी वजह से वे व्यक्तिगत प्लॉट के लिए आवेदन नहीं करते। ऊंट पालकों के लिए G, H, I और J सेक्टर आरक्षित किए गए हैं। इन सेक्टरों में ऊंट पालक सामूहिक रूप से रह सकेंगे। इन क्षेत्रों में बिजली और पानी की व्यवस्था की जा रही है। ऊंटों को पानी पिलाने के लिए नई खेलियों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
कई राज्यों से पहुंचते हैं पशुपालक
पुष्कर पशु मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहुंचते हैं। गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और तेलंगाना समेत कई राज्यों से पशुपालक आते हैं। वहीं ऊंट पालकों की बड़ी संख्या जालोर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और नागौर जैसे इलाकों से पहुंचती है।
17 नवंबर को होगा विधिवत आगाज
पशु मेला 10 नवंबर से शुरू होगा, लेकिन इसका विधिवत आगाज 17 नवंबर को ध्वजारोहण के साथ होगा। 12 नवंबर को पशुपालन विभाग की ओर से पुष्कर आने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर 12 चौकियां स्थापित की जाएंगी। 17 से 23 नवंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 20 नवंबर को विकास और गिर गाय प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। 20 से 23 नवंबर तक पशुओं से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। 24 नवंबर को पुरस्कार वितरण समारोह होगा। इसके बाद 26 नवंबर को मेले का विधिवत समापन किया जाएगा।
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