हेमंत शर्मा, इंदौर। UPI से भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला लागू हुआ तो इंदौर के बाजारों में डिजिटल पेमेंट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों ने प्रस्तावित MDR सरचार्ज के विरोध में सामूहिक फैसला लिया है। व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि जिस दिन शुल्क लागू होगा, उसी दिन से दुकानों से UPI QR कोड हटाने और नकद कारोबार अपनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।व्यापारियों का कहना है कि पहले से बढ़ती लागत, प्रतिस्पर्धा और सीमित मुनाफे के बीच उन पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डाला गया तो इसका विरोध किया जाएगा। यह विरोध अब सिर्फ बैठकों और बयानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाजारों में भी दिखाई देगा। व्यापारियों ने सरकार को दोटूक संदेश दिया है कि व्यापार की लागत बढ़ाने वाले फैसले को वे स्वीकार नहीं करेंगे।

125 व्यापारिक संगठनों का एक सुर में फैसला

अभिनव कला समाज के हॉल परिसर में शुक्रवार को अहिल्या चेम्बर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल और महामंत्री गोपाल दास अग्रवाल की अगुवाई में बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में प्रस्तावित UPI सरचार्ज के विरोध में एकजुटता दिखाते हुए निर्णय लिया गया कि शुल्क लागू होने की स्थिति में व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों से QR कोड हटाने और नकद भुगतान को प्राथमिकता देने का विकल्प अपनाएंगे।व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए व्यापारी लंबे समय से QR कोड के जरिए ग्राहकों से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। लेकिन अगर इसी व्यवस्था पर अतिरिक्त लागत का बोझ आता है, तो उन्हें अपने कारोबार के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ेगा।

सरकार को चेतावनी—शुल्क लगा तो बाजारों में दिखेगा विरोध

व्यापारियों के इस फैसले से साफ है कि प्रस्तावित सरचार्ज को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि किसी भी नए शुल्क का असर केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे दुकानदारों और खुदरा व्यापारियों की लागत पर भी पड़ सकता है।अब सवाल यह है कि यदि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू होता है, तो क्या व्यापारी उसे अपनी लागत में शामिल करेंगे या ग्राहकों के लिए भुगतान के दूसरे विकल्प अपनाएंगे?अहिल्या चेम्बर्स से जुड़े संगठनों ने फिलहाल QR कोड हटाकर नकद कारोबार की ओर जाने का विकल्प सामने रखा है। हालांकि, यह फैसला प्रस्तावित शुल्क लागू होने की स्थिति में अमल में लाने की बात कही गई है।

23 सितंबर के ‘नो UPI डे’ के बाद अब आंदोलन का अगला चरण

अहिल्या चेम्बर्स के संयुक्त सचिव और इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि 23 सितंबर को आयोजित ‘नो UPI डे’ के जरिए व्यापारियों ने सरचार्ज के विरोध में अपनी आवाज उठाई थी। अब 125 व्यापारिक संगठनों का साझा फैसला इस विरोध को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।अक्षय जैन के मुताबिक, व्यापारी पहले ही कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनके खर्च बढ़ सकते हैं और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।व्यापारियों का तर्क है कि जब किसी भुगतान माध्यम के इस्तेमाल पर अतिरिक्त लागत आएगी, तो वे उसे जारी रखने के बजाय नकद भुगतान जैसे दूसरे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

पांच दिन तक बाजारों में उतरेंगे चेम्बर्स के पदाधिकारी

बैठक में लिए गए फैसले को व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए अहिल्या चेम्बर्स के पदाधिकारी अगले पांच दिनों तक इंदौर के अलग-अलग व्यापारिक क्षेत्रों का दौरा करेंगे।इस दौरान दुकानदारों को प्रस्तावित सरचार्ज और उसके संभावित आर्थिक प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, QR कोड हटाने और नकद कारोबार अपनाने के सामूहिक फैसले के समर्थन में व्यापारियों को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा।

चेम्बर्स पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उनका उद्देश्य इस मुद्दे पर व्यापारिक संगठनों की साझा आवाज को मजबूती देना है।

डिजिटल भुगतान बनाम नकद कारोबार—अब फैसले पर टिकी नजर

इंदौर में 125 व्यापारिक संगठनों के इस फैसले के बाद UPI सरचार्ज का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ डिजिटल भुगतान को सुविधाजनक माध्यम माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ व्यापारी अतिरिक्त शुल्क को लेकर अपनी चिंता जता रहे हैं।अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित शुल्क को लेकर आगे क्या निर्णय होता है और व्यापारी अपने ऐलान पर किस तरह अमल करते हैं।

व्यापारियों का स्पष्ट संदेश है—यदि UPI पर अतिरिक्त शुल्क लागू हुआ, तो वे QR कोड हटाकर नकद कारोबार की ओर जाने पर विचार करेंगे। पांच दिन के जनसंपर्क अभियान के जरिए इस विरोध को बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी है।

बैठक में ये रहे मौजूद

रमेश खंडेलवाल, गोपाल दास अग्रवाल, अक्षय जैन, गोविंद अग्रवाल, नरेंद्र बाफना, रजनीश चोरड़िया, हरदीप सिंह, मनीष निगम, सुशील मेहता, कैलाश खंडेलवाल, मनोज काला, चंद्रशेखर खन्ना, बसंत सोनी, प्रदीप जैन, पुरुषोत्तम शर्मा, महेंद्र जैन सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m