हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में डीपी ज्वेलर्स के तौल कांटे को लेकर शिकायत के बाद नाप-तौल विभाग ने कार्रवाई की है। ग्राहक की शिकायत पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तौल कांटे की जांच की। जांच के दौरान कांटे पर वैध सील और मुहर नहीं मिली, जबकि कांटे का प्रमाण-पत्र भी मौके पर प्रदर्शित नहीं था।
कांटे की सील गायब, नीचे का पाया भी टूटा मिला
नाप-तौल विभाग की जांच में एक तौल कांटे का नीचे का पाया टूटा हुआ मिला। वजन में अंतर की आशंका को देखते हुए विभाग ने संबंधित कांटे को जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने मौके पर तौल कांटे से जुड़े दस्तावेज और सत्यापन की स्थिति की भी जांच की।
पहले विभाग ने लगाई थी सील, अब हटाने का आरोप
विभाग के मुताबिक ज्वेलर्स के तौल कांटों का पहले सत्यापन किया गया था और उन पर विभागीय सील लगाई गई थी। अब जांच के दौरान सील नहीं मिलने पर आरोप है कि ज्वेलर्स की ओर से सील हटाई गई।अगर जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो मामला और गंभीर हो सकता है, क्योंकि तौल उपकरण में लगी विभागीय सील के साथ छेड़छाड़ सीधे तौर पर नाप-तौल नियमों के उल्लंघन का मामला बन सकता है।
डीपी ज्वेलर्स को कारण बताओ नोटिस
कार्रवाई के बाद नाप-तौल विभाग ने डीपी ज्वेलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अब ज्वेलर्स से इस संबंध में जवाब मांगा गया है कि तौल कांटे की सील कहां गई और कांटे की यह स्थिति कैसे हुई।
जवाब के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
विभाग के मुताबिक ज्वेलर्स के जवाब और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन साबित होने पर जुर्माना लगाया जा सकता है या कोर्ट में प्रकरण भी पेश किया जा सकता है।
फिलहाल तौल कांटा जब्त होने के बाद जांच का फोकस इस बात पर है कि कांटे में वजन का अंतर था या नहीं और विभागीय सील हटाने के पीछे आखिर किसकी भूमिका थी।
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