रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. आज देश की नजरें पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव परिणामों पर टिकी हुई है. वोटों की गिनती सुबह से जारी है और नतीजे आने वाले हैं. ठीक इसी दिन उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में मौसम ने करवट ली है. गर्मी और लू की चुभन भरी सुबह के बाद बादल छाए, आंधी चली और हल्की से मध्यम बारिश ने लोगों को राहत दी.

मौसम विभाग की चेतावनी और वास्तविकताभारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही चुनाव परिणामों वाले दिन पांच राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया था. लेकिन इसका असर सिर्फ दक्षिण और पूर्वी राज्यों तक सीमित नहीं रहा. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय हो गया. उत्तर प्रदेश में कई जिलों में सुबह से बादलों का डेरा है. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में हल्की बारिश दर्ज की गई. कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने गर्मी से त्रस्त लोगों को सुकून दिया. सुल्तानपुर जैसे इलाकों में आंधी-बारिश में पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं.

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राजनीतिक तापमान और मौसमी ठंडकचुनावी मौसम में राजनीतिक तापमान हमेशा चरम पर होता है. पांच राज्यों के नतीजे न सिर्फ उन राज्यों की सत्ता का फैसला करेंगे, बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी बड़े संकेत देंगे. BJP, TMC, DMK, LDF और अन्य दलों की किस्मत का फैसला आज हो रहा है. ऐसे में प्रकृति ने भी जैसे “ठंडक” बिखेर दी हो. जहां राजनीतिक विश्लेषक टीवी स्टूडियो में गर्मागर्म बहस कर रहे हैं, वहीं आम जनता बारिश का आनंद ले रही है. दिल्ली-यूपी में बारिश ने गर्मी से राहत दी और वातावरण को सुहावना बना दिया. कई लोग इसे संयोग मान रहे हैं, तो कुछ इसे “चुनावी बारिश” का नाम दे रहे हैं.