रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव में दलित महिला सीमा पासी के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. घटना को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोला है. सपा विधायक और पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उसकी आपबीती सुनी.
सपा नेताओं के अनुसार, सीमा पासी के साथ गांव के ही कुछ लोगों ने कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की. आरोप है कि महिला को बाल पकड़कर घसीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. घटना के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सपा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते महिला को समुचित इलाज नहीं दिया गया और जबरन अस्पताल से छुट्टी करा दी गई. हालांकि, इस आरोप पर अस्पताल प्रशासन और पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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पीड़िता के परिवार से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीमा पासी, उनके पति राजू पासी और ससुर रामप्रसाद पासी से घटना की जानकारी ली. सपा की ओर से परिवार को इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी दी गई. नेताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को डर के माहौल में रहने के लिए मजबूर करना बेहद गंभीर बात है. परिवार को सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, न कि आरोपियों को संरक्षण.
विधायक इंद्रजीत सरोज ने कहा कि ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में दलित समाज खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को सत्ता का संरक्षण मिलने के कारण दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं. सरोज ने कहा कि पुलिस यदि शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगी तो जनता का कानून-व्यवस्था से भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा. सपा नेताओं ने सीमा पासी से जुड़ी पिछली घटना के मुकदमे को लेकर भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि दबाव में मुकदमे को कमजोर किया गया. मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने वाली महिला रिधिमा सिंह के साथ कथित मारपीट और उनकी शिकायत में मेडिकल जांच के बिना धाराएं हटाने का आरोप भी लगाया गया. सपा ने दोनों मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच, पीड़ित परिवार को सुरक्षा तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

