सुलतानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में राहुल गांधी के खिलाफ शुक्रवार को अंतिम बहस हुई. अब 12 अक्टूबर को बचाव पक्ष की ओर से बहस होगी, जिसके बाद निर्णय की तारीख तय होने की संभावना है.

सुलतानपुर. स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ शुक्रवार को अंतिम बहस हुई. वादी और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने मामले में अपनी दलीलें रखीं. अब 12 अक्टूबर को राहुल गांधी की ओर से बहस होनी है, जिसके बाद अदालत द्वारा निर्णय की तारीख तय किए जाने की संभावना है.

दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें

भाजपा नेता विजय मिश्रा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को मामले की सुनवाई अंतिम बहस के लिए निर्धारित थी और वादी पक्ष की ओर से बहस पूरी कर ली गई. उन्होंने कहा कि पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष ने लिखित बहस दाखिल की थी.

संतोष पांडेय के मुताबिक, लिखित बहस के पैरा 17 और 18, विशेष रूप से पैरा 18 में घटना और भाषण को स्वीकार किए जाने का उल्लेख है. उन्होंने दलील दी कि घटना स्वीकार किए जाने के बाद उसे साबित करने का भार अभियुक्त पक्ष पर है.

धारा 499 के अपवाद का हवाला

बचाव पक्ष के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के अपवाद संख्या 9 का उल्लेख किया. बचाव पक्ष की दलील है कि कथित बयान सद्भावना के तहत दिया गया था और इसका उद्देश्य किसी की मानहानि करना नहीं था.

इसके जवाब में वादी पक्ष ने अदालत में कहा कि संबंधित बयान दुर्भावनापूर्ण मानसिकता के साथ दिया गया था. अधिवक्ता संतोष पांडेय ने राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की.

12 अक्टूबर को अगली सुनवाई

वादी पक्ष की ओर से अंतिम बहस पूरी होने के बाद अपनी विधिक व्यवस्था भी अदालत में दाखिल किए जाने की जानकारी दी गई है. वहीं, बचाव पक्ष को अपनी विधिक व्यवस्था प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है.

राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि अब सोमवार, 12 अक्टूबर को राहुल गांधी की ओर से बहस की जाएगी. इसके बाद अदालत मामले में निर्णय सुनाने की तारीख निर्धारित कर सकती है.