पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की 'सद्भाव यात्रा' में 8 मई को राहुल गांधी शिरकत करेंगे, जिससे गुरुग्राम के खांडसा में कांग्रेस के बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। राजनीति में इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद Brijendra Singh की ‘सद्भाव यात्रा’ अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi इस यात्रा में शामिल होने के लिए 8 मई को गुरुग्राम के खांडसा गांव पहुंच रहे हैं। राहुल गांधी की मौजूदगी ने इस यात्रा को अचानक राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक अहमियत दे दी है और इसे कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
बृजेंद्र सिंह ने यह यात्रा हरियाणा में सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और जनता से सीधे संवाद के उद्देश्य से शुरू की थी। यात्रा के दौरान वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। अब राहुल गांधी के शामिल होने से यह यात्रा केवल सामाजिक संदेश तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार राहुल गांधी और बृजेंद्र सिंह खांडसा गांव के ऐतिहासिक रास्तों से पदयात्रा करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय लोगों, व्यापारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से मुलाकात करेंगे। यात्रा के समापन पर एक संक्षिप्त सभा को संबोधित करने की संभावना भी जताई जा रही है, जिसमें सामाजिक एकता, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हो सकती है।
राहुल गांधी के आगमन की खबर सामने आते ही गुरुग्राम सहित आसपास के जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी कार्यकर्ता इसे हरियाणा में कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा देने वाला कदम मान रहे हैं। कई जगहों पर स्वागत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और यात्रा मार्ग पर बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
खांडसा गांव को इस यात्रा के लिए खास तौर पर चुना जाना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुरुग्राम का खांडसा क्षेत्र ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है, जहां विभिन्न समुदायों की मिली-जुली आबादी रहती है। कांग्रेस इसे सामाजिक सौहार्द और एकता के प्रतीक के रूप में पेश करना चाहती है। इसी वजह से ‘सद्भाव यात्रा’ का यह चरण राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से खास माना जा रहा है।
राहुल गांधी की यात्रा को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
हालांकि इस यात्रा को लेकर हरियाणा कांग्रेस के अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों की चर्चा भी तेज हो गई है।
अब तक कांग्रेस के कई बड़े नेता इस यात्रा से दूरी बनाए हुए थे। विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda और उनके करीबी नेताओं ने इसे पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम न बताते हुए “निजी पहल” करार दिया था। हुड्डा समर्थक नेताओं का कहना रहा है कि पार्टी के बड़े कार्यक्रमों का निर्णय प्रदेश नेतृत्व या केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होना चाहिए।
लेकिन अब राहुल गांधी की सीधी भागीदारी के बाद राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह यात्रा कांग्रेस के भीतर भी नए संदेश दे सकती है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी की मौजूदगी से यात्रा को पार्टी हाईकमान का अप्रत्यक्ष समर्थन मिलने का संकेत जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं की भागीदारी भी बढ़ सकती है।
हरियाणा की राजनीति में इस यात्रा को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस की जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिलता है तो यह कांग्रेस के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक रूप से बड़ा संदेश साबित हो सकती है।

