आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर दशहरा सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान और यहां की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला बड़ा अवसर है। हर साल देश के अलग-अलग राज्यों से पर्यटक यहां की अनूठी परंपराओं और आदिवासी संस्कृति को करीब से देखने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार रेल सेवाओं में बाधा ने पर्यटकों की राह रोक दी है। मालिगुड़ा लैंडस्लाइड और रेल मार्ग पर मेगा ब्लॉक के चलते बंगाल,आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर से आने वाली ट्रेनें कोरापुट तक ही पहुंच पा रही हैं। नतीजा यह है कि बस्तर दशहरा के इस अहम सीजन में पर्यटक जगदलपुर नहीं पहुंच पा रहे हैं और इसका सीधा असर बस्तर के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है।

ट्रेनें नहीं चलने से होटलों में बुकिंग कैंसिल हो रही है। स्थानीय वाहन चालकों, गाइड और छोटे-बड़े कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कारोबारियों के लिए चिंता इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि बस्तर दशहरा का यह खास मौका साल में एक बार ही आता है। पर्यटक नहीं पहुंचे तो सिर्फ होटल का कारोबार ही नहीं, बल्कि स्थानीय बाजार से लेकर पर्यटन से जुड़े कई व्यवसायों की कमाई भी प्रभावित होती है।

होटल बुकिंग कैंसिल होना चिंता का विषय

होटल एसोसिएशन के सचिव साहिल बारोटिया का कहना है कि लगातार बुकिंग कैंसिल होना चिंता का विषय है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक बस्तर की संस्कृति और स्थानीय समुदाय की परंपराओं को करीब से जानने का मौका तलाशते हैं, लेकिन परिवहन की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने से वे इस अनुभव से वंचित रह सकते हैं।

वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करने की मांग

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जतिन जैसवाल ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि ओडिशा और बंगाल की ओर से आने वाली ट्रेनें कोरापुट तक पहुंच रही हैं। ऐसे में यदि कोरापुट से जगदलपुर तक परमिट फ्री बसों की व्यवस्था कर दी जाए तो पर्यटकों को सड़क मार्ग से बस्तर पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है और पर्यटन कारोबार को भी राहत मिल सकती है। अब सवाल यह है कि जब बस्तर दशहरा अपने पूरे रंग में है तब पर्यटकों को बस्तर तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कब होगी? क्योंकि ट्रेनें बाधित होने का असर केवल यात्रियों की आवाजाही पर नहीं, बल्कि बस्तर के होटल, बाजार और छोटे-बड़े व्यापारियों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। समय रहते व्यवस्था नहीं हुई तो बस्तर दशहरा के इस महत्वपूर्ण पर्यटन सीजन का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।

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