सत्या राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ की MBBS NEET-UG 2026 मेरिट सूची को लेकर NSUI ने सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने मुख्यमंत्री के नाम रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मेरिट सूची की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। ज्ञापन में कुछ अभ्यर्थियों के डोमिसाइल, जाति प्रमाण-पत्र, श्रेणी और अन्य पात्रता संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की गई है।

NSUI का कहना है कि सामने आए मामलों को केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि पूरी MBBS मेरिट सूची और सभी अभ्यर्थियों के पात्रता संबंधी दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। संगठन ने विशेष रूप से ऐसे अभ्यर्थियों के मामलों की जांच की मांग की है, जिनके नाम अन्य राज्यों की मेरिट सूचियों में भी सामने आते हैं।
इन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की मांग
ज्ञापन में रिद्धि टांडी (Roll No. 1703105344) के संबंध में दो अलग-अलग राज्यों के डोमिसाइल से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। मान्या साहू (Roll No. 1704103451) के OBC श्रेणी में दर्ज होने को लेकर जाति प्रमाण-पत्र और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की गई है। ज्ञापन में उनके अभिभावक का नाम मनोज कुमार गुप्ता दर्ज होने का भी उल्लेख है।
इसी तरह नेविदिता मंडावी (Roll No. 1701203156) के मामले में दो राज्यों के डोमिसाइल से जुड़े दस्तावेजों की जांच, जबकि आहाना बेशीबा मसीह (Roll No. 3003104552) के मामले में डोमिसाइल और जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित कथित विसंगतियों के सत्यापन की मांग की गई है।
लक्ष्य चौरे (Roll No. 1703103480) के डोमिसाइल और जाति प्रमाण-पत्र, आकांशा मारिया के दो राज्यों के डोमिसाइल तथा शीतल के मेरिट सूची में पहचान संबंधी विवरण की जांच की मांग भी ज्ञापन में की गई है। इसके अलावा प्रिंसी एस. बल्लेवार के दो अलग-अलग राज्यों के डोमिसाइल से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग रखी गई है।
ज्ञापन में द्विज सिंह के मामले का भी उल्लेख है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2025 में उनकी श्रेणी सामान्य वर्ग के रूप में दर्ज थी, जबकि वर्ष 2026 में ST श्रेणी में दर्ज होने को लेकर सवाल सामने आया है। NSUI ने दोनों वर्षों के आवेदन पत्रों, श्रेणी संबंधी विवरण और जाति प्रमाण-पत्रों की जांच की मांग की है।
देखें PDF

‘किसी को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं’
हेमंत पाल ने कहा कि इन मामलों को उठाने का उद्देश्य किसी अभ्यर्थी को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। उनका कहना है कि सामने आए दस्तावेजों और मेरिट सूची में दिखाई दे रहे तथ्यों का सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापन होना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी अभ्यर्थी के पास दो अलग-अलग राज्यों के निवास प्रमाण-पत्र हैं, तो वह दोनों राज्यों की MBBS प्रवेश प्रक्रिया में पात्रता का लाभ कैसे ले सकता है और क्या ऐसी स्थिति में दोनों राज्यों में सीट प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए दस्तावेजों का आधिकारिक सत्यापन जरूरी है।
NSUI ने मांग की है कि जांच के बाद यदि किसी अभ्यर्थी की अपात्रता या दस्तावेजों में अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और संशोधित एवं सत्यापित मेरिट सूची जारी की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में समयबद्ध और निष्पक्ष जांच नहीं होती है तो विद्यार्थियों के हितों को लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान रायपुर उत्तर विधानसभा एनएसयूआई अध्यक्ष अनुज शुक्ला, पुनेश्वर लहरें, अंकित बंजारे, शेख अर्सलान, ईडिया घृतलहरे, विकाश जैन और रीत आहूजा सहित अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H

