सुप्रिया पाण्डेय, रायपुर। राजधानी रायपुर के नवकार नगर स्थित नव-निर्मित श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में शनिवार सुबह धर्म, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। परम पूज्य भावी आचार्य श्री विनय कुशल मुनि जी महाराज और उग्र तपस्वी परम पूज्य श्री विराग मुनि जी महाराज के प्रथम मंगल आगमन पर जैन समाज ने भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

बता दें कि सुबह 6:45 बजे आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं। गुरुभगवंतों के मंगल पदार्पण के अवसर पर 163 मंगल कलशों के साथ विशेष वर्धापन एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। लाल और पीले परिधानों में सुसज्जित महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा में भाग लेकर पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

गुरुभगवंतों के आगमन के साथ ही जिनालय परिसर जयकारों, मंगल ध्वनियों और धार्मिक उल्लास से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना, धर्म आराधना तथा पूजन-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय में शनि विद्यानुष्ठान का भी आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों ने सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। गुरुभगवंतों के सान्निध्य में उपस्थित समाजजनों ने धर्म लाभ प्राप्त कर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक डागा ने कहा कि गुरु का आगमन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मकल्याण, आध्यात्मिक जागरण और धर्म साधना का दुर्लभ अवसर होता है। उन्होंने कहा कि गुरुभगवंतों के सान्निध्य में श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग प्रशस्त होता है।
धार्मिक आयोजन के सफल आयोजन के साथ नवकार नगर का पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया।
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