अभय मिश्रा, मऊगंज। मध्य प्रदेश के नवागत मऊगंज जिले में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों को भारी पड़ता नजर आ रहा है। जिले में ग्राम पंचायतों, जल जीवन मिशन और गौशालाओं में हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटालों के खिलाफ 4000 से अधिक पन्नों के पुख्ता सबूतों के साथ प्रदर्शन करने पहुंचे ‘अगस्त क्रांति मंच’ के कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान भारी हंगामा हुआ और संयोजक ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। वहीं अब इस मामले में प्रशासन के निर्देश पर अगस्त क्रांति मंच के संयोजक समेत 10 लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है।

कलेक्ट्रेट से 100 कदम पहले रोका; संयोजक ने उतारी शर्ट, कहा- “हथियार नहीं, सबूत हैं”

पूरा मामला 23 जुलाई 2026 का है जब अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी अपने समर्थकों के साथ 4000 से अधिक पन्नों का दस्तावेज लेकर कलेक्ट्रेट परिसर ज्ञापन सौंपने निकले थे।

फोन पर रोकने की कोशिश: संयोजक कुंज बिहारी तिवारी का आरोप है कि कलेक्ट्रेट रवाना होने से पहले ही मऊगंज थाना प्रभारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें फोन कर कलेक्ट्रेट न आने और थाने या तहसील में ही ज्ञापन सौंपने की बात कही।

100 कदम पहले भारी पुलिस बल: इसके बावजूद जब कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के लिए आगे बढ़े तो मऊगंज थाना प्रभारी राम सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने कलेक्ट्रेट से महज 100 कदम पहले ही मजबूत बैरिकेडिंग कर सभी को रोक दिया।

संयोजक का अनोखा विरोध: पुलिस द्वारा रोके जाने पर संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने मौके पर ही अपनी शर्ट उतार दी और कहा कि ‘मेरे पास कोई हथियार या आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। हम शांतिपूर्वक 4000 पन्नों के सबूतों के साथ ज्ञापन देने आए हैं, फिर हमें क्यों रोका जा रहा है?’

प्रशासन पर पक्षपात का आरोप: कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए सवाल खड़ा किया कि दो दिन पहले सैकड़ों आदिवासी लाठी-डंडों के साथ कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक पहुंच गए थे और घंटों धरना दिया था, तब कोई बैरिकेडिंग या कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को क्यों रोका जा रहा है?

करीब 30 मिनट तक चले भारी गतिरोध और बैरिकेड्स के बाहर ही धरने पर बैठने के बाद, संयुक्त कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया।

4000 पन्नों की फाइल में क्या है? जानिए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

अगस्त क्रांति मंच द्वारा सौंपे गए 4000 से अधिक पन्नों के दस्तावेजों में जिले के कई विभागों और योजनाओं में हुए कथित घोटालों का ब्यौरा:

ग्राम पंचायतों में 650 करोड़ रुपये का घोटाला

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मऊगंज जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 650 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नियमों को दरकिनार कर आहरित की गई। पंचायतों में गिट्टी, बालू और निर्माण सामग्री की खरीद के बिल मेडिकल स्टोर, किराना दुकानों और फोटोकॉपी की दुकानों के नाम पर लगाए गए। साथ ही, कई ऐसे वेंडरों के नाम पर फर्जी बिल-वाउचर बनाकर भुगतान किया गया, जिनका धरातल पर कोई अस्तित्व ही नहीं है।

कबाड़ बीनने वाले के नाम पर 50 लाख रुपये का भुगतान

मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन (MPSRLM) में भारी धांधली का दावा करते हुए कहा गया है कि एक व्यक्ति जो कथित तौर पर केवल कबाड़ बीनने का काम करता है, उसके नाम पर करीब 50 लाख रुपये का शासकीय भुगतान दर्ज कर दिया गया।

जल जीवन मिशन और गौशालाओं में फर्जीवाड़ा

जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में बिना पानी की सप्लाई शुरू किए ही पूरी राशि खर्च दर्शा दी गई है। वहीं, जिले की गौशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश कागज पर दर्शाकर भारी अनुदान की हेराफेरी की जा रही है, जिससे गोवंश के रख-रखाव में क्रूरता की स्थिति बनी हुई है।

ज्ञापन सौंपने के 2 दिन बाद संयोजक समेत 10 लोगों पर दर्ज हुई FIR

भ्रष्टाचार के खुलासे और आमरण अनशन की चेतावनी के बीच, घटना के ठीक दो दिन बाद यानि 25 जुलाई 2026 प्रशासन का सख्त रुख सामने आया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की लिखित शिकायत पर मऊगंज थाना पुलिस ने अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी और उनके 9 अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

पुलिस विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एफआईआर की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कार्रवाई की गई है।

अब आगे क्या?

एक तरफ जहां अगस्त क्रांति मंच का आरोप है कि जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के बड़े सिंडिकेट और अधिकारियों को बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज कर आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ 4000 पन्नों के दस्तावेजों में लगाए गए गंभीर वित्तीय आरोपों की निष्पक्ष जांच का पूरे जिले को इंतजार है। मंच ने साफ कहा है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे आमरण अनशन करेंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m