रायपुर। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आज रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा और समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और रक्षित निरीक्षक मौजूद रहे।
आईजी की ओर से पुलिसिंग में Operational Efficiency, Accountability और Ownership की भावना विकसित करने के साथ पर्यवेक्षी अधिकारियों को थाना स्तर पर सक्रिय नेतृत्व प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश
- त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा: आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सघन पेट्रोलिंग, प्रभावी चेकिंग के साथ यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चोरी, उठाईगिरी और असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया।
- थाना सशक्तिकरण और प्रभावी पर्यवेक्षण: थाना प्रभारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए CSP/DSP स्तर के अधिकारियों को फील्ड ऑपरेशन, अपराध विवेचना और कानून-व्यवस्था में प्रत्यक्ष सहभागिता के निर्देश दिए गए।
- समयबद्ध विवेचना और अभियोजन: लंबित अपराधों की नियमित समीक्षा, निर्धारित वैधानिक समयसीमा में चालान प्रस्तुतीकरण और आवश्यक प्रकरणों में अनुपस्थिति में विचारण संबंधी वैधानिक प्रावधानों के उपयोग पर जोर दिया गया। गंभीर अपराधों में प्रभावी जमानत विरोध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- यातायात प्रबंधन में नवाचार: व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित करने के साथ उपलब्ध CCTV नेटवर्क के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए।
- न्यायालयीन समन्वय और वारंट तामीली: समंस और वारंट की तामीली के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, न्यायालयों से बेहतर समन्वय के साथ पुराने एवं सामान्य प्रकृति के प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर बल दिया गया।
- जनशिकायत निवारण और संसाधन प्रबंधन: पुलिस बल के युक्तियुक्त आवंटन, 1930 साइबर हेल्पलाइन संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और भूमि विवादों में समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
फील्ड पुलिसिंग, अनुशासन और जनविश्वास पर विशेष जोर
आईजी मिश्रा ने निर्देशित किया कि सभी जिलों में नियमित क्षेत्र भ्रमण, संवेदनशील स्थानों की सतत निगरानी, पुलिस बल की प्रभावी तैनाती और सूचना तंत्र को सुदृढ़ किया जाए। थाना स्तर पर शिकायतकर्ताओं से संवेदनशील व्यवहार, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा, पुलिसकर्मियों के कार्यों का स्पष्ट निर्धारण और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही गंभीर अपराधों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन से समन्वय और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

आईजी मिश्रा ने स्पष्ट किया कि प्रभावी पर्यवेक्षण, परिणामोन्मुखी पुलिसिंग और संवेदनशील जनशिकायत निवारण ही पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता और जनविश्वास के प्रमुख आधार हैं।
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