अनिल सक्सेना, रायसेन। सांची से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीकेज मामला सामने आया है। यहां एकतरफा प्यार में अंधे सिरफिरे आशिक ने भाड़े के कातिलों के साथ मिलकर ऐसी खैफनाक साजिश रची जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को हिलाकर रख दिया। रंजिश महिला के पति से थी लेकिन रात के घने अंधेरे में गलत पहचान के चलते हमलावरों ने उसके रिश्ते के भाई पर तलवार से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

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रात के सन्नाटे में घात लगाकर बैठे थे कातिल

घटना 25 जुलाई 2026 की रात लगभग 9:40 बजे की है। सलामतपुर चौराहे पर स्थित अपनी हार्डवेयर की दुकान बंद करके राकेश लोधी बाइक से अपने गांव मेड़की लौट रहा था। तभी सलामतपुर रोड पर रास्ते के सन्नाटे में पहले से घात लगाए बैठे नकाबपोश बदमाशों ने राकेश की बाइक को रोक लिया और बिना संभलने का मौका दिए धारदार तलवार से हमला कर दिया।

हमलावरों ने राक्षसपन दिखाते हुए राकेश का हाथ मौके पर पड़ी लकड़ी पर रखकर तलवार के एक ही वार में धड़ से अलग कर दिया। अत्यधिक खून बहने के कारण राकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

न चश्मदीद, न सीधी दुश्मनी… पुलिस के लिए ‘अंधा कत्ल’

बिना किसी सीधी रंजिश के हुई इस जघन्य हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी आशुतोष गुप्ता के निर्देशन, एडिशनल एसपी दीपक नायक के मार्गदर्शन और एसडीओपी प्रतिभा शर्मा की अगुवाई में सांची, सलामतपुर और उमरावगंज पुलिस की संयुक्त विशेष टीम बनाई गई।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटना स्थल के फोरेंसिक मुआयने और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। महज 48 घंटों के भीतर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से भोपाल के करोंद निवासी गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल, बाबू उर्फ प्रिंसराज और उनके एक नाबालिग साथी को हिरासत में ले लिया।

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‘पति को हटाना था रास्ते से…’ पूछताछ में खुला खौफनाक सच

पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में मुख्य आरोपी गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर खाकी भी हैरान रह गई। गोलू मृतक राकेश लोधी के भाई भगवानदास लोधी की पत्नी से एकतरफा प्रेम करता था। महिला की शादी भगवानदास से होने के बाद गोलू के सिर पर खून सवार हो गया और उसने भगवानदास को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

25 जुलाई की रात कातिल रास्ते में भगवानदास का इंतजार कर रहे थे। लेकिन किस्मत का भयानक खेल यह रहा कि उस रात दुकान बंद करके भगवानदास की जगह उसका भाई राकेश लोधी बाइक लेकर निकला। घने अंधेरे के कारण हमलावर राकेश को ही भगवानदास समझ बैठे और बेकसूर राकेश को अपनी जान गंवानी पड़ी। रायसेन पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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