राजाजी नेशनल पार्क में पांच महीने के मानसून ब्रेक के बाद 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए सफारी फिर शुरू होगी. मोतीचूर, चीला, रानीपुर और चीलावाली रेंज के गेट खोले जाएंगे.

ऋषिकेश. राजाजी नेशनल पार्क में 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए जंगल और हाथी सफारी दोबारा शुरू होगी. मानसून के चलते करीब पांच महीने पहले बंद किए गए पार्क के मोतीचूर, चीला, रानीपुर और चीलावाली रेंज के गेट फिर खोले जाएंगे. पार्क प्रशासन ने सफारी शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं.

राजाजी टाइगर रिजर्व की इन चारों रेंज को 15 जून को मानसून ब्रेक के लिए पर्यटकों की आवाजाही के लिहाज से बंद कर दिया गया था. अब निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पर्यटक एक बार फिर जंगल में वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे.

पिछले सीजन में 50 हजार पर्यटक

पार्क प्रशासन के अनुसार, पिछले सफारी सीजन में चारों रेंज से कुल 1 करोड़ 28 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था. यह रकम पिछले वर्ष की तुलना में 5 लाख रुपये अधिक रही.

इस दौरान कुल 50,309 पर्यटकों ने जंगल सफारी की. इनमें 47,881 भारतीय और 2,428 विदेशी पर्यटक शामिल थे.

चीला में सबसे लंबा ट्रैक

राजाजी नेशनल पार्क में जंगल सफारी का सबसे लंबा मार्ग चीला रेंज में है, जिसकी लंबाई करीब 30 किलोमीटर है. वहीं, अन्य रेंजों में सफारी ट्रैक की दूरी 15 से 20 किलोमीटर तक है.

इस बार पार्क प्रशासन ने सफारी मार्गों के आसपास कुछ नए तालाब भी बनवाए हैं. इनके जरिए पर्यटकों को पानी पीने के लिए आने वाले जंगली जानवरों को देखने का अवसर मिल सकेगा.