Rajasthan Congress Nikay Chunav: राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग और भीतरघात के आरोपों की जांच का मामला अटक गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को दो दिन के भीतर जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। अब इन निर्देशों को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कमेटी का गठन नहीं हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि कमेटी गठन की प्रक्रिया चल रही है और जल्द इसे पूरा कर लिया जाएगा।

आखिर किस बात की होनी है जांच?
निकाय चुनाव में कई जगह कांग्रेस के महापौर और सभापति प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सके। कुछ निकायों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने के बावजूद पार्टी के उम्मीदवार बोर्ड बनाने में कामयाब नहीं हुए। इसके बाद कई महापौर और सभापति प्रत्याशियों ने कांग्रेस के ही पार्षदों और स्थानीय नेताओं पर चुनाव हराने के आरोप लगाए थे। अब प्रस्तावित जांच कमेटी को क्रॉस वोटिंग और पार्टी नेताओं की भूमिका की जांच करनी है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले नेताओं और पार्षदों पर कार्रवाई की बात कही गई थी।
21 सितंबर को हुआ था महापौर-सभापति का चुनाव
प्रदेश के नगरीय निकायों में महापौर और सभापति के लिए 21 सितंबर को मतदान हुआ था। इसी के बाद परिणाम सामने आए। चुनाव के दौरान कई जगह कांग्रेस के सामने क्रॉस वोटिंग और फ्लोर मैनेजमेंट से जुड़े सवाल उठे। पार्टी के कुछ प्रत्याशियों ने स्थानीय स्तर पर भीतरघात के आरोप भी लगाए। इसी के बाद कांग्रेस ने हार के कारणों की समीक्षा शुरू की थी।
PCC वॉर रूम में हुई थी हार की समीक्षा
परिणाम वाले दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल प्रदेश कांग्रेस वॉर रूम पहुंचे थे। उन्होंने विधायकों, सांसदों और पूर्व मंत्रियों के साथ बैठक कर निकाय चुनाव का फीडबैक लिया। बैठक में चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन और हार के कारणों पर चर्चा हुई। इसके बाद वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को दो दिन में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। वेणुगोपाल ने यह भी कहा था कि जांच में यह देखा जाएगा कि कांग्रेस के महापौर और सभापति प्रत्याशियों को हराने में पार्टी के पार्षदों और नेताओं की क्या भूमिका रही।
11 दिन बाद भी कमेटी का इंतजार
वेणुगोपाल के निर्देश के 11 दिन बाद भी जांच कमेटी का गठन नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल क्रॉस वोटिंग और भीतरघात के आरोपों की औपचारिक जांच शुरू नहीं हो पाई है। जब तक कमेटी गठित नहीं होती, तब तक आरोपों से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ना मुश्किल है। यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर अब कमेटी के गठन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है और जल्द कमेटी बना दी जाएगी।
कांग्रेस बोली- कमेटी गठन की प्रक्रिया जारी
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी के अनुसार जांच कमेटी के गठन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही कमेटी गठित कर दी जाएगी। उनका कहना है कि केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस से सभी जिलों की रिपोर्ट भी मांगी थी। प्रदेश कांग्रेस की ओर से यह रिपोर्ट दिल्ली भेजी जा चुकी है।
कार्रवाई अनुशासन समिति करेगी
स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि कार्रवाई के लिए प्रदेश कांग्रेस में अनुशासन समिति बनी हुई है। उनके अनुसार जैसे ही अनुशासनहीनता से जुड़े मामले समिति के पास पहुंचेंगे, वहां से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला जांच कमेटी के गठन पर टिका है। कमेटी बनने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग और पार्टी प्रत्याशियों को हराने के आरोपों में किन नेताओं और पार्षदों की भूमिका की जांच की जाती है।
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