Rajasthan News: देशभर में करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का राजस्थान साइबर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड युवराज सतीश मुदलियार को पुणे से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।

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इस कार्रवाई को राजस्थान साइबर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में चल रहे संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इस पूरे अभियान का नेतृत्व डीआईजी शांतनु कुमार ने किया।

शांतनु कुमार इससे पहले राजस्थान के कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ उन्होंने पुलिस थानों को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और जनहितैषी बनाने की दिशा में भी काम किया है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उनकी रणनीतियों को भी प्रभावी माना जाता है।

राजस्थान के मेवात क्षेत्र, जिसे साइबर ठगी के मामलों के कारण अक्सर ‘राजस्थान का जामताड़ा’ कहा जाता है, वहां भी उन्होंने साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस का कहना है कि इंटेलिजेंस, डेटा विश्लेषण और तकनीकी जांच की मदद से इस नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी पुणे में फर्जी फाइनेंस कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज जुटाए जाते थे। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर म्यूल बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

पुलिस के अनुसार, गिरोह 105 IND STOCKS ADV नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर में लोगों को शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देता था। ठगी से हासिल रकम एटीएम के माध्यम से निकालकर हवाला नेटवर्क के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में बदली जाती थी, जिससे गिरोह के सदस्य कमीशन कमाते थे।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस साइबर गिरोह से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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