Rajasthan Drought News: राजस्थान में सूखे के हालात को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सूची से बाहर रह गए इलाकों में निष्पक्ष सर्वेक्षण और दोबारा गिरदावरी कराने की मांग की है। मंगलवार को जारी बयान में गहलोत ने कहा कि प्रदेश के 41 जिलों और 426 तहसीलों में से केवल 14 जिलों की 80 तहसीलों को गंभीर एवं मध्यम सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में भी किसान बारिश की कमी और फसल खराबे से परेशान हैं। उन्होंने प्रभावित इलाकों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर किसानों और पशुपालकों को राहत देने की मांग की।

बांसवाड़ा से जोधपुर तक किसानों की परेशानी का जिक्र
गहलोत ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से किसानों की समस्याएं सामने आ रही हैं। बांसवाड़ा की शेरगढ़ तहसील और जोधपुर की भोपालगढ़ तहसील के किसानों ने भी मीडिया के माध्यम से अपनी परेशानी बताई है। उनके मुताबिक, इन इलाकों में बारिश की कमी के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। कुओं के सूखने और आर्थिक संकट जैसी परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ रहा है। गहलोत ने कहा कि सरकार को केवल पहले से घोषित सूखाग्रस्त क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय पूरे प्रदेश के जमीनी हालात का निष्पक्ष आकलन कराना चाहिए।
दोबारा सर्वे और गिरदावरी कराने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि बारिश की कमी, फसल नुकसान और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में फिर से सर्वेक्षण और गिरदावरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सूखे की स्थिति सामने आए, उन्हें तत्काल सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। गहलोत के अनुसार, सही आकलन होने से उन किसानों तक भी राहत पहुंचाने का रास्ता खुलेगा, जिनके क्षेत्र मौजूदा सूची में शामिल नहीं हैं।
किसानों और पशुपालकों के लिए चारा-पानी और मुआवजे की मांग
गहलोत ने सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को राहत देने पर जोर दिया। उन्होंने चारा, पेयजल, रोजगार और मुआवजे जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि संकट के समय किसानों को राहत देने के लिए समय पर सही आकलन करना और संवेदनशीलता के साथ फैसले लेना जरूरी है। उनके मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों की पहचान और राहत से जुड़े निर्णयों में देरी नहीं होनी चाहिए।
सूखाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं गहलोत
अशोक गहलोत हाल ही में जैसलमेर, फलोदी और जोधपुर के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने बीकानेर के प्रभावित क्षेत्रों का भी जायजा लिया था। इन दौरों के दौरान उन्होंने किसानों और पशुपालकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी थीं। साथ ही राज्य सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की थी। अब उन्होंने सूची से बाहर रह गए इलाकों में दोबारा सर्वे और गिरदावरी कराने पर जोर दिया है, ताकि सूखे की वास्तविक स्थिति के आधार पर राहत पहुंचाई जा सके।
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