जयपुर। राज्स सरकार को इस बार स्टाम्प ड्यूटी से 10 हजार 663 करोड़ रुपए ज्यादा राजस्व मिला है। वित्त विभाग के अफसरों का दावा है कि राज्य सरकार की कमाई पिछले पांच साल में दोगुणी हुई है। यानी स्टाम्प पेपर की बिक्री से राजस्थान में सरकार की अच्छी कमाई हो रही है। इसका कारण डीएलसी दरों में बढ़ोतरी और स्टाम्प पेपर पर लगाई 30 फीसदी ड्यूटी बताया गया है। ये बढ़ोतरी 25 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक की है।

मुद्रांक एवं पंजीयन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार को स्टाम्प पेपर की बिक्री और अचल सम्पत्तियों के खरीद-बेचान दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन से अब तक (1) अप्रैल 2025 से 18 फरवरी 2026 तक) करीब 10,663 करोड़ रुपए से ज्यादा का रेवेन्यू मिल चुका है।
ये रेवेन्यू सरकार को गत वित्तीय वर्ष से 121 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसे देखते हुए सरकार ने अब रेवेन्यू के अपने इस टारगेट को भी बढ़ाकर 15 हजार करोड़ रुपए तक कर दिया है। दूसरा बड़ा कारण स्टाम्प ड्यूटी पर 30 फीसदी का सरचार्ज लगाना और बाजार से लगभग 10 रुपए के स्टाम्प की बिक्री को अघोषित तौर पर बंद करना है। अब किसी भी छोटे से छोटे शपथ पत्र के लिए न्यूनतम तापमान 50 रुपए कीमत का स्टांप देना पड़ता है, जो बाजार में 30 फीसदी सरचार्ज के बाद 65 रुपए का मिलता है।
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