Rajasthan High Court Car Tax Decision: राजस्थान में हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, यूपी या मध्य प्रदेश नंबर की निजी कार और जीप चलाने वालों के लिए राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। मंगलवार को अदालत ने स्पष्ट किया कि वैध अधिसूचना के बिना परिवहन विभाग दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड गैर-परिवहन वाहनों से राजस्थान में टैक्स नहीं वसूल सकता। अदालत ने 30 दिन से ज्यादा राज्य में वाहन चलाने के आधार पर की गई कार्रवाई को अवैध करार देते हुए वसूली गई टैक्स राशि 30 दिन में लौटाने और जब्त वाहनों को तत्काल रिलीज करने का आदेश दिया है।

90 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट का फैसला

मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश समीर जैन की खंडपीठ ने हार्पी कोर नेटवर्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सहित करीब 90 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

मामले में कई वाहन मालिकों की निजी कारें और जीप राजस्थान के बाहर के राज्यों में रजिस्टर्ड थीं। इनमें हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के वाहन शामिल थे। इन वाहनों का संबंधित राज्यों में रजिस्ट्रेशन था और वहां लाइफटाइम टैक्स भी जमा कराया गया था।

इसके बावजूद राजस्थान में वाहन चलाने के दौरान परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीमों ने कई गाड़ियों को रोककर कार्रवाई की और टैक्स की मांग की थी।

परिवहन विभाग ने क्यों की थी कार्रवाई?

परिवहन विभाग का तर्क था कि दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड निजी वाहन राजस्थान में 30 दिन से अधिक समय तक रखे जा रहे हैं। वाहन मालिकों ने राज्य में निर्धारित रोड टैक्स जमा नहीं किया है। ऐसे में राजस्थान मोटर वाहन कराधान अधिनियम-1951 के तहत इन वाहनों पर टैक्स बकाया है।

वहीं, वाहन मालिकों की ओर से दलील दी गई कि जब गाड़ियों का दूसरे राज्यों में विधिवत रजिस्ट्रेशन है और वहां लाइफटाइम टैक्स भी जमा किया जा चुका है, तो राजस्थान में दोबारा एकमुश्त टैक्स वसूलने का आधार क्या है?

10 जुलाई 2024 की अधिसूचना पर हाईकोर्ट ने क्या कहा?

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 10 जुलाई 2024 की अधिसूचना का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि इस अधिसूचना में यात्री वाहनों और माल वाहनों के लिए टैक्स की दरें निर्धारित की गई थीं।

लेकिन गैर-परिवहन निजी कारों के लिए संबंधित प्रावधान के तहत अलग अधिसूचना उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मौजूदा अधिसूचना के आधार पर दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड निजी कारों से एकमुश्त टैक्स नहीं वसूला जा सकता।

30 दिन में लौटानी होगी टैक्स की रकम, वाहन भी होंगे रिलीज

हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं से टैक्स के रूप में वसूली गई राशि 30 दिन के भीतर वापस की जाए। इसके साथ ही जब्त किए गए वाहनों को भी तुरंत रिलीज किया जाए। इस फैसले से उन वाहन मालिकों को राहत मिली है, जिनकी निजी कारों और जीपों पर राजस्थान में 30 दिन से अधिक संचालन के आधार पर कार्रवाई की गई थी।

पढ़ें ये खबरें