Rajasthan Liquor Contractors Protest: राजस्थानभर के शराब ठेकेदारों ने आबकारी विभाग की नीतियों के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय के बाहर ठेकेदारों ने धरना-प्रदर्शन किया।

राजस्थान लिकर कॉन्ट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। ठेकेदारों की मुख्य मांगों में गारंटी का समायोजन, पेनल्टी में राहत, टेट्रा पैक की अनिवार्यता खत्म करना, GSM की शर्त में बदलाव और शराब दुकानों का समय रात 11 बजे तक करना शामिल है।

ठेकेदारों का आरोप- बीच में बदल दिए जाते हैं नियम

राजस्थान लिकर कॉन्ट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पारेता ने कहा कि टेंडर के समय आबकारी विभाग और ठेकेदार के बीच एक कॉन्ट्रेक्ट होता है। इसी को आबकारी पॉलिसी के तौर पर देखा जाता है।

उनके अनुसार ठेकेदार टेंडर लेने से पहले पॉलिसी के सभी बिंदुओं को देखकर अपने नफा-नुकसान का हिसाब तय करते हैं। दुकान शुरू होने के बाद बीच में नियम बदलने से कारोबार प्रभावित होता है। पारेता का आरोप है कि विभाग को 31 मार्च तक उसी नीति के अनुसार काम करना चाहिए, जिस आधार पर ठेका दिया गया है।

टेट्रा पैक और GSM की मात्रा को लेकर आपत्ति

ठेकेदारों ने टेट्रा पैक की अनिवार्य खरीद को लेकर भी विरोध जताया है। उनका कहना है कि इसकी ग्राहकों में पर्याप्त मांग नहीं है। इसके बावजूद टेट्रा पैक लेना अनिवार्य किया गया है। ठेकेदारों के अनुसार GSM उठाने की मात्रा भी 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। उनका कहना है कि अतिरिक्त माल के समायोजन को अप्रैल तक करने की बात हुई थी, लेकिन इसका भी समायोजन नहीं किया गया। पारेता ने कहा कि ठेकेदार चाहते हैं कि विभाग अपनी घोषित नीति के अनुसार ही काम करे।

रात 8 बजे के बजाय 11 बजे तक दुकान खोलने की मांग

राजस्थान लिकर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष नीलेश मेवाड़ा ने शराब दुकानों के समय को लेकर भी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार लंबे समय से दुकान खोलने का समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार पड़ोसी राज्यों में शराब की दुकानें रात 10 से 11 बजे तक खुलती हैं, जबकि राजस्थान में अभी रात 8 बजे तक का समय है।

मेवाड़ा के मुताबिक दुकान का समय बढ़ने से कारोबार से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार चाहते हैं कि उनका कारोबार व्यवस्थित तरीके से चले, जिससे सरकार को भी अधिक राजस्व मिल सके।

शराब ठेकेदारों की 6 प्रमुख मांगें

1.ठेकेदारों की मांग है कि मार्च में उठाई गई अतिरिक्त गारंटी का सभी अनुज्ञाधारियों को पूरा समायोजन दिया जाए। अतिरिक्त गारंटी के विरुद्ध उठाई गई अतिरिक्त मदिरा का भी सही तरीके से समायोजन करने की मांग की गई है।

2. ठेकेदार टेट्रा पैक की अनिवार्य खरीद और उठाव की बाध्यता समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

3. देसी मदिरा में न्यूनतम 40 प्रतिशत की अनिवार्यता वाले आदेश को वापस लेने की मांग की गई है।

4. ठेकेदारों ने दुकानों के संचालन का समय रात 11 बजे तक बढ़ाने की मांग रखी है।

5. अक्टूबर से देय ALF यानी Annual License Fee का लाभ और समायोजन तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

6. देसी मदिरा में GSM की आपूर्ति सुचारू और पर्याप्त मात्रा में करने की मांग है। ठेकेदारों का कहना है कि फिलहाल GSM की पूरी आपूर्ति नहीं हो रही है।

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