Rajasthan News: रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में शाम की पारी में सफारी पर गए पर्यटकों का कैंटर जोन 6 में बंद हो गया। कैंटर के स्टार्ट नहीं होने से यात्री जोन बंद होने के बाद घंटे भर तक फंसे रहे। इस दौरान अंधेरा होने पर महिलाएं घबरा गई और छोटे बच्चे रोने लगे। सूचना पर वनविभाग ने वेटिंग कैंटर भेजकर फंसे कैंटर को निकाला। इस जोन में बाघ बादल, नूर और बाघिन लक्ष्मी का मूवमेंट रहता है।

जानकारी के अनुसार कैंटर नंबर 2171 शाम की पारी में जोन 6 में पर्यटकों को भ्रमण पर लेकर गया था। इस दौरान कैंटर एकाएक बंद हो गया, जिससे पर्यटक घबरा गए। कैंटर का गाइड भी किसी अन्य के साथ बैठकर निकल गया। इस दौरान काफी देर तक गाइड किसी वाहन को लेकर नहीं आया तो मोहित नाम के पर्यटक ने दूसरे कैंटर चालक से बात की। उसने मनमाने रुपए मांगे। इस पर मोहित एक जिप्सी में लिफ्ट लेकर गेट के बाहर आया और वनविभाग के कर्मियों को पूरा मामला बताया। इसके बाद वेटिंग कैंटर भेजा गया। पर्यटक करीब 7.30 बजे के बाद जोन से बाहर निकल सके।
ड्राइवर बोला-बस बैठे रहो…
कैंटर में करीब 25 पर्यटक थे। अंधेरा होने पर महिलाएं और बच्चे घबरा गए। भूख-प्यास से छोटे बच्चे कैंटर में रोने लगे। महिलाओं ने कहा कि वे कैंटर में धक्का लगा देते हैं तो ड्राइवर बोला, इसकी वायरिंग खराब है और आप जंगल में उतर नहीं सकते। महिलाओं ने कहा कि यहां मोबाइल का नेटवर्क नहीं आ रहा है। वे बाहर भी किसी को सूचना नहीं दे सकते। ऐसे में यहां सुरक्षा के क्या इंतजाम है। इस पर ड्राइवर ने कहा कि वह भी कुछ नहीं कर सकता। बस कैंटर में बैठे रहो।
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