Rajasthan News: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन राज्य के उच्च माध्यमिक स्कूलों में प्रिंसिपल के पद खाली पड़े हैं। 26 मई को हुई विभागीय पदोन्नति समिति में चयनित लगभग 3800 प्रिंसिपलों को पांच महीने बाद भी स्कूलों में नियुक्ति नहीं मिली है। इस देरी से स्कूलों में रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जा रही है।

पदोन्नति समिति के समय राज्य में प्रिंसिपल के करीब 4700 पद रिक्त थे, जो अब बढ़कर 5140 हो गए हैं। शिक्षा विभाग ने इन पदों को भरने के लिए दो बार परामर्श कार्यक्रम की घोषणा की, लेकिन दोनों बार इसे स्थगित कर दिया गया। पहली बार 11 अगस्त और दूसरी बार 25 अगस्त से ऑनलाइन परामर्श शुरू होना था, लेकिन कानूनी कारणों का हवाला देकर इसे टाल दिया गया। दो महीने बाद भी नया कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ हैं।
परीक्षाओं की निगरानी पर संकट
अगले महीने अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। यदि इस दौरान पदोन्नत प्रिंसिपलों को नियुक्ति नहीं मिली, तो स्कूलों में निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। शिक्षा विभाग की इस सुस्ती से स्कूलों में प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ रही है।
19 हजार स्कूलों में 5140 रिक्तियां
राज्य में 19,252 स्वीकृत प्रिंसिपल पदों में से केवल 14,113 पर ही प्रिंसिपल कार्यरत हैं, जबकि 5,140 पद खाली है। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
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