Rajasthan News: उदयपुर. राजस्थान के उदयपुर में पिछले दो दिनों में एक महिला, एक पुरुष और एक बच्ची को मारने वाला ‘आदमखोर तेंदुआ’ अभी भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है. इससे ग्रामीणों में खौफ का माहौल बना हुआ है, और लोगों ने अकेले घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है. हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने तेंदुए को पकड़ने के लिए सेना की मदद ली है, जो अब वन विभाग के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही है.
उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए सेना की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. जंगलों में तेंदुए की तलाश की जा रही है, लेकिन उसका कोई मूवमेंट दिखाई नहीं दे रहा है. वन विभाग की टीम भी लगातार निगरानी कर रही है. तेंदुआ 5 किलोमीटर के दायरे में तीन लोगों का शिकार कर चुका है, जिससे ग्रामीणों में खौफ फैला हुआ है.

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने रातभर जंगल के पास डेरा डाले रखा और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी, लेकिन अभी तक तेंदुआ नजर नहीं आया है. गोगुंदा के एसडीएम डॉ. नरेश सोनी ने बताया कि सेना की टीम कैप्टन संदीप चौधरी के नेतृत्व में 8 सैनिक शुक्रवार रात को छाली गांव पहुंच गए थे.
सेना ने मोर्चा संभाल लिया है, क्योंकि तेंदुआ अभी भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है. मानसून के कारण जंगलों में घनी हरियाली है, जिससे तेंदुए के पैरों के निशान और लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है. इस कारण उदयपुर स्थित सेना की एकलिंगगढ़ छावनी से टीमें बुलाई गई हैं. सेना ने अपने विजन ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है.
उदयपुर डीएफओ अजय चित्तौड़ा ने बताया कि तेंदुआ अब तक तीन लोगों की जान ले चुका है. तेंदुए को पकड़ने और शांत करने के लिए उदयपुर, राजसमंद और जोधपुर से तीन टीमें तैनात की गई हैं. इसके अलावा, वन विभाग के 80 कर्मचारियों को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है, और तेंदुए को फंसाने के लिए पिंजरे भी लगाए गए हैं.
पढ़ें ये खबरें भी
- हवस, हैवानियत और हवालातः 11 साल की किशोरी के साथ रेप, दिल दहला देगी दरिंदगी की वारदात
- कचरे के नाम पर ‘कमाई का खेल’! पंचायतों में 2,000 की डस्टबिन 30,000 और 1.5 लाख का ई-रिक्शा 4.5 लाख में खरीदा; कचरा गाड़ी के नाम पर मिली पंचर साइकिल
- अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर देने के फैसले का CM साय ने किया स्वागत, बोले- युवाओं को सैन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के मिलेंगे नए अवसर
- स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी, ग्रामीणों को मिल रहा संपत्ति का वैधानिक अधिकार
- खुद्दार अधिकारी मजबूरी में पलायन कर जाते हैं जब… IPS अनुराग सुजानिया के इस्तीफे पर चढ़ा सियासी पारा, जानें क्या बोली BJP

