Rajasthan News: पश्चिमी राजस्थान के खनिज समृद्ध बाड़मेर जिले में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड के वितरण में कथित गड़बड़ी ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। शिव विधानसभा से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने जिला प्रशासन पर अपने क्षेत्र के हक का बड़ा हिस्सा काटने का आरोप लगाते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने प्रशासन को नोटिस थमाकर चार हफ्तों में पूरा ब्योरा मांगा हैं।

डीएमएफटी फंड खनन कंपनियों से वसूले रॉयल्टी का 10-30 फीसदी हिस्सा होता है, जो प्रभावित गांवों में पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल और जल संरक्षण जैसे कामों के लिए खर्च होता है। भाटी का दावा है कि शिव क्षेत्र के खनन पट्टों से अरबों का फंड आता है, मगर मीटिंग में उनके हिस्से का ज्यादातर पैसा काटकर गैर-खनन इलाकों में बांट दिया गया। उन्होंने इसे ‘जनता के हक की चोरी’ बताया और कहा, “प्रशासन से कारण पूछा तो मुंह फेर लिया। अब अदालत ही इंसाफ देगी।”
हालिया डीएमएफटी बैठक में जिला कलेक्टर ने चार विधानसभाओं के लिए 103 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसमें बाड़मेर को सबसे ज्यादा 65 करोड़, शिव को 18 करोड़, गुड़ामालानी को 15 करोड़ और चौहटन को मात्र 5 करोड़ मिले। भाटी बोले, “शिव का हक दोगुना से ज्यादा था, फिर भी काटा गया। कोर्ट ने साफ कहा हैं-जो बांटा, उसकी पूरी रिपोर्ट पेश करो।”
पढ़ें ये खबरें
- अयोध्या को एक और बड़ा तोहफा: राम मंदिर के करीब बनेगा हाईटेक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, भूमि पूजन संपन्न
- CG Crime : पत्नी की हत्या कर तमिलनाडु भागा था आरोपी, गांव लौटते ही पुलिस ने दबोचा
- गोद में मासूम को लिए भटक रही थी बैगा बहन! भीड़ में पहुंचे CM मोहन यादव; मौके पर दिए पेंशन बनाने के निर्देश
- दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे CM मोहन यादव! चित्रकूट में बाढ़ से हाहाकार, रामघाट पुल टूटा, कल लेंगे ग्राउंड रिपोर्ट
- अब नहीं चलेगा ‘तारीख पर तारीख’ का खेल! लापरवाह अधिकारियों के लिए सीएम योगी का नया आदेश

