Rajasthan News: कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल से दो और महिलाओं की तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि उन्हें आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। अस्पताल में अब तक 8 महिलाएं इस रहस्यमयी इन्फेक्शन की चपेट में आ चुकी हैं।

6 मई को कोटा के शिवपुरा की रहने वाली शिरीन और ग्रामीण इलाके कसार की किरण को डिलीवरी के लिए यहां भर्ती किया गया था। ऑपरेशन तो हो गया, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने परिवार के होश उड़ा दिए। शिरीन के घरवालों का आरोप है कि अस्पताल वालों ने खुद हाथ खड़े कर दिए। उनसे कहा गया कि यहां इंतजाम ठीक नहीं है, मरीज को कहीं और ले जाओ। अब दोनों महिलाएं निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। सरकारी सिस्टम की इस बेरुखी ने सबको हैरान कर दिया है।
किडनी में इन्फेक्शन और 2 मौतें
आपको बता दें कि 4 मई को सबसे पहले 6 महिलाओं की तबीयत खराब हुई थी। उनमें से 2 महिलाएं दम तोड़ चुकी हैं। बाकी 4 का इलाज अभी भी मेडिकल कॉलेज में ही चल रहा है, लेकिन उनकी हालत भी स्थिर नहीं कही जा सकती। मामले ने जब तूल पकड़ा तो जिला कलेक्टर और एडीएम सिटी खुद अस्पताल पहुंचे। राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए 2 डॉक्टरों और 2 नर्सिंग स्टाफ को दोषी मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सस्पेंड करने से उन माताओं की जान वापस आ जाएगी?
दवा खराब थी या ऑपरेशन थिएटर गंदा?
अब सरकार की स्पेशल कमेटी इस बात की जांच कर रही है कि आखिर ये इन्फेक्शन आया कहां से? दो ही बातें हो सकती हैं- या तो ऑपरेशन थिएटर में गंदगी थी और वहां बैक्टीरिया फैल गया था, या फिर सर्जरी के दौरान जो दवाएं इस्तेमाल हुईं, वो नकली या खराब थीं। कोटा के जेके लोन और मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इस घटना ने पूरे राजस्थान के हेल्थ सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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