Rajasthan Lay’s Chips Consumer Court Case: जयपुर में 5 रुपये के लेज चिप्स पैकेट में घोषित वजन से 11 ग्राम कम चिप्स मिलने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान का आदेश दिया है।

जानकारी के अनुसार पैकेट पर 15 ग्राम वजन लिखा था, जबकि जांच में उसमें केवल 4 ग्राम चिप्स मिले। आयोग ने उपभोक्ता को मानसिक परेशानी के लिए 5 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के लिए 3 हजार रुपये देने को कहा है। साथ ही पैकेट की 5 रुपये कीमत भी 6 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ लौटानी होगी।

मेहमानों के लिए खरीदे थे चिप्स

मामला सीकर रोड निवासी चंद्रभान जालान से जुड़ा है। उन्होंने 10 नवंबर 2020 को विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से किराने का सामान खरीदा था। इसी सामान में 5 रुपये का लेज चिप्स पैकेट भी था। जालान चिप्स घर आए मेहमानों को परोसने के लिए लाए थे। पैकेट हाथ में लेने पर उन्हें वजन कम लगा। संदेह होने पर उन्होंने पैकेट तौला। इस दौरान 15 ग्राम के दावे के मुकाबले उसमें केवल 4 ग्राम चिप्स मिले। यानी घोषित मात्रा से 11 ग्राम कम चिप्स थे।

विक्रेता से शिकायत के बाद उपभोक्ता आयोग पहुंचे

जालान ने कम वजन की शिकायत विक्रेता से की। उनके अनुसार, संतोषजनक जवाब देने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। विक्रेता ने कहा कि पैकेट सीलबंद था, इसलिए उसके भीतर कम मात्रा होने की जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की है। इसके बाद चंद्रभान जालान ने अधिवक्ता मीनाक्षी अग्रवाल के माध्यम से 6 अप्रैल 2022 को जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

कंपनी पेश नहीं हुई, आयोग ने एकतरफा की सुनवाई

मामले की सुनवाई के दौरान निर्माता कंपनी को नोटिस भेजा गया, लेकिन कंपनी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुई। इसके बाद आयोग ने उसके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की। आयोग ने शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए बिल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले पर विचार किया। आयोग अध्यक्ष अशोक शर्मा और सदस्य अजय कुमार तथा सुप्रिया अग्रवाल की पीठ ने घोषित वजन से कम उत्पाद मिलने को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना।

बड़ी कंपनियों की जिम्मेदारी पर आयोग की टिप्पणी

आयोग ने कहा कि बड़ी कंपनियों के उत्पाद लाखों उपभोक्ता खरीदते हैं। यदि पैकेट पर घोषित मात्रा से कम सामान दिया जाता है, तो इससे उपभोक्ताओं को नुकसान और कंपनियों को अनुचित लाभ हो सकता है।

एक महीने में भुगतान करना होगा

आयोग ने पेप्सिको को मानसिक परेशानी के लिए 5 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 3 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। इसके अलावा पैकेट की 5 रुपये कीमत शिकायत दर्ज होने की तारीख से भुगतान होने तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित लौटानी होगी। कंपनी को एक महीने के भीतर भुगतान करना है। देरी होने पर 8 हजार रुपये की राशि पर भी आदेश की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा।

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