Rajasthan News: जयपुर। जयपुर मेट्रो-प्रथम की एनआईएक्ट मामलों की विशेष कोर्ट ने 20 लाख रुपए के चेक बाउंस के पांच साल पुराने केस में आरोपी को कई साल से गिरफ्तारी वारंट की तामील नहीं होने को गंभीर माना है। वहीं डीजीपी को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे प्रेमनगर झोटवाड़ा निवासी आरोपी गोपाल सिंह बोहरा के गिरफ्तारी वारंट की तामील करवाएं।

विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ललिता कुमारी सोनी ने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट ने पांच व दस साल से ज्यादा पुराने केसों के जल्द निस्तारण के सख्त निर्देश दे रखे हैं। मामले से जुड़े अधिवक्ता सिद्दार्थ जैन मूथा ने बताया कि आरोपी ने परिवादी रघुवीर सिंह राठौड़ से निजी जरूरतों के लिए 20 लाख रुपए उधार लिए थे। वहीं इस राशि के भुगतान के लिए उसे चेक दिए। लेकिन यह चेक 29 मई 2018 को आरोपी के हस्ताक्षर अलग होने के चलते बाउंस हो गया। उसने आरोपी को विधिक नोटिस भी दिया।
लेकिन फिर भी चेक राशि का भुगतान नहीं किया। जिस पर उसने आरोपी के खिलाफ एनआईएक्ट मामलों की विशेष कोर्ट में परिवाद दायर कर चेक राशि जुर्माने सहित दिलवाए जाने का आग्रह किया। लेकिन आरोपी को वारंट की तामील नहीं हो पाई। इससे केस की ट्रायल आगे नहीं बढ़ी। अब कोर्ट ने डीजीपी को ही आरोपी के गिरफ्तारी वारंट की तामील का निर्देश दिया है।
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