Rajasthan News: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस (17606) में सफर कर रही एक महिला की ट्रेन के वॉशरूम में ही मौत हो गई। मृतका की पहचान निंबाहेड़ा के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) राजकुमार चौहान की पत्नी उषा चौहान के रूप में हुई है। बुधवार को हुई इस दुखद घटना का कारण डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में साइलेंट हार्ट अटैक बताया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।

जानकारी के अनुसार, ADJ राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा चौहान बुधवार को सोजत से निंबाहेड़ा के लिए सफर कर रहे थे। चूंकि दोनों का रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था, इसलिए वे ट्रेन के अलग-अलग डिब्बों में बैठे थे। जैसे ही ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंचने वाली थी, उषा चौहान ने अपने पति को फोन कर बताया कि वह वॉशरूम जा रही हैं। ट्रेन जैसे ही निंबाहेड़ा पहुंची, जज राजकुमार चौहान प्लेटफार्म पर उतर गए और अपनी पत्नी के बाहर आने का इंतजार करने लगे। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह कोच से बाहर नहीं आईं, तो उनकी चिंता बढ़ गई।
घबराए हुए जज ने तुरंत रेलवे पुलिस और जीआरपी को सूचना दी। तकनीकी टीम ने जब उषा चौहान के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, तो पता चला कि वह अभी भी ट्रेन के अंदर ही हैं। इसके बाद ट्रेन को आगे मंदसौर स्टेशन पर रुकवाकर जांच की गई, लेकिन वहां वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण नहीं खोला जा सका। आखिरकार रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर ट्रेन को लंबी अवधि के लिए रुकवाया गया और जीआरपी ने कटर व अन्य औजारों की मदद से वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए; उषा चौहान वहां बेसुध हालत में पड़ी हुई थीं।
उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का मानना है कि उन्हें अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आया, जिससे उन्हें मदद मांगने या संभलने का एक पल भी मौका नहीं मिला। इस हृदयविदारक घटना के बाद शोक संतप्त परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने पैतृक निवास जोधपुर ले गए हैं। इस घटना ने पूरे न्यायिक जगत और रेलवे यात्रियों को झकझोर कर रख दिया है।
परिजनों द्वारा शव को जोधपुर ले जाया गया है जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रेलवे प्रशासन इस मामले में सुरक्षा चूक और इमरजेंसी रिस्पांस को लेकर आंतरिक समीक्षा कर सकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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