Rajasthan News: राजस्थान में मुफ्त दवा योजना के तहत वितरित खांसी की दवा को लेकर उठे सवालों पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। भरतपुर और सीकर में दो बच्चों की मौत के मामलों में स्पष्ट किया गया कि प्रतिबंधित खांसी की दवा डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप डॉक्टरों ने नहीं लिखी थी।

हालांकि, सीकर जिले की हाथीदेह पीएचसी में एक बच्चे को यह दवा लिखे जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में विभाग ने डॉक्टर पलक और फार्मासिस्ट पप्पू सोनी को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मामले की जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद दवा वितरण पर रोक लगाकर तीन सदस्यीय समिति बनाई गई और दवा के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए।
भरतपुर मामले की जांच
कलसाडा निवासी मोनू जोशी ने खुद इलाज के लिए लिखी दवा अपने 3 वर्षीय बेटे को पिला दी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी। बच्चे का इलाज जयपुर के जेके लोन अस्पताल में हुआ और बाद में वह ठीक होकर डिस्चार्ज हो गया। दूसरे मामले में जिस बच्चे की मौत हुई, वह पहले से निमोनिया से पीड़ित था।
सीकर मामले की जांच
ग्राम खोरी निवासी नित्यांश को डॉक्टर ने प्रतिबंधित सिरप नहीं लिखा था। बच्चे की मां ने घर में पहले से रखी दवा खुद पिला दी, जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई।
विभाग की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को दवा लिखने में प्रोटोकॉल का पालन करने और मरीजों को बिना पर्चे के दवा न देने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा का सेवन न करें। रिपोर्ट साफ करती है कि मौत के मामलों में दवा डॉक्टरों ने नहीं लिखी थी। फिर भी यह सवाल बना हुआ है कि डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप, जिसे दिल्ली में तीन साल पहले बैन किया जा चुका था, वह राजस्थान में कैसे वितरित हो रहा है।
पढ़ें ये खबरें
- इंदौर एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतारी गई युवती और दो युवक! लापता होने की शिकायत के बाद CISF की कार्रवाई, परिजनों ने जताई ‘लव जिहाद’ की आशंका , मुंबई जाने की तैयारी में थे तीनों
- नीला ड्रम हत्याकांड: DNA टेस्ट तक कराने को तैयार नहीं सौरभ का परिवार, जानिए जेल में जन्मी बच्ची का अब क्या होगा?
- IND vs WI 4th T20I: वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया, संजू की फिफ्टी बेकार, कीमो पॉल ने झटके 5 विकेट, सीरीज 2-2 से बराबर
- पटना के बोरिंग रोड में Shriram Finance के नए BU ऑफिस का उद्घाटन, मंत्री लेशी सिंह और डॉ. सत्यजीत सिंह रहे मौजूद
- नवरात्रि पर गरबा पंडाल में एंट्री को लेकर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, भोपाल में बवाल
