Rajasthan News: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा ‘गिव अप’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2025 कर दी गई है। जयपुर में अब तक 23,096 लोगों के नाम राशन कार्ड से हटा दिए गए हैं, जबकि 244 लोगों को नाम हटवाने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

जिला रसद अधिकारी त्रिलोकचंद मीणा ने जानकारी दी कि जयपुर में यह अभियान जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। 2 मार्च तक 5,952 परिवारों की कुल 23,096 यूनिट्स को खाद्य सुरक्षा सूची से हटाया जा चुका है। इसके अलावा, 244 अपात्र लाभार्थियों को स्वेच्छा से अपना नाम हटाने के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
अपात्र लाभार्थियों से वसूली की जाएगी राशन राशि
31 मार्च 2025 तक जो लोग स्वयं अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा लेंगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, यदि किसी ने अपात्र होते हुए भी राशन लिया है, तो 27 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से राशन प्राप्ति की तिथि से लेकर नाम हटाने की तिथि तक की राशि ब्याज सहित वसूली जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि ऐसे कार्मिकों की सूची तैयार कर उनकी वेतन से कटौती सुनिश्चित की जाए।
किन्हें राशन कार्ड से हटना होगा?
‘गिव अप’ अभियान के तहत उन परिवारों को खाद्य सुरक्षा सूची से बाहर किया जा रहा है जिनमें:
- कोई सदस्य सरकारी, अर्ध-सरकारी या स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियमित कर्मचारी हो।
- किसी को 1 लाख रुपये वार्षिक से अधिक पेंशन मिलती हो।
- परिवार की कुल वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो।
- परिवार के पास निजी चार पहिया वाहन हो।
- परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता हो।
बता दें कि गिव अप अभियान के तहत जयपुर में हजारों परिवारों ने पहले ही अपने नाम स्वेच्छा से सूची से हटवा लिए हैं। प्रशासन ने अपात्र लाभार्थियों को एक और अवसर देते हुए अभियान की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी है।
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