Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान के बांसवाड़ा में पंचायत चुनाव के बीच पूर्व जिला प्रमुख रेशम मालवीया के चुनाव लड़ने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। लगातार तीन चुनाव जीतकर 15 साल तक जिला प्रमुख रहीं रेशम मालवीया ने बुधवार को नाहरपुरा पंचायत समिति के वार्ड 11 से सदस्य पद के लिए नामांकन दाखिल किया।

यह कदम ऐसे समय आया है, जब पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया पहले ही अपने परिवार के किसी सदस्य के जिला परिषद चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

15 साल जिला प्रमुख रहने के बाद बदला चुनावी रास्ता

रेशम मालवीया लगातार तीन चुनाव जीतने के बाद 15 साल तक जिला प्रमुख के पद पर रहीं। इस बार उन्होंने जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के बजाय पंचायत समिति सदस्य के लिए पर्चा भरा है। उनके इस फैसले ने बांसवाड़ा की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

महेंद्रजीत मालवीया पहले ही कर चुके थे ऐलान

पंचायतीराज चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने घोषणा की थी कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य जिला परिषद सदस्य का चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि परिवार का कोई सदस्य जिला प्रमुख पद के लिए दावेदारी नहीं करेगा।

रेशम मालवीया के पंचायत समिति चुनाव में उतरने के बाद अब चर्चा इस बात पर है कि परिवार ने जिला परिषद से दूरी बनाए रखते हुए पंचायत समिति के चुनाव का रास्ता क्यों चुना।

क्या प्रधान पद की तैयारी है?

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, जिला परिषद और जिला प्रमुख पद के लिए दावेदारी नहीं करने के बावजूद मालवीया परिवार पंचायत स्तर पर अपनी भूमिका बनाए रख सकता है। रेशम मालवीया यदि पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीतती हैं, तो उनके प्रधान बनने की संभावना पर भी चर्चा है।

हालांकि, प्रधान पद को लेकर अभी कोई अंतिम स्थिति सामने नहीं आई है। फिलहाल उनका चुनावी मुकाबला नाहरपुरा पंचायत समिति के वार्ड 11 से है।

डूंगरपुर में 139 सीटों पर मतदान

इधर, डूंगरपुर जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत गुरुवार को 139 सीटों पर मतदान होना है। इनमें सात पंचायत समितियों की 119 सीटें और जिला परिषद की 20 सीटें शामिल हैं।

पंचायत समिति की 119 सीटों पर 404 उम्मीदवार और जिला परिषद की 20 सीटों पर 65 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जिले में कुल 5,21,601 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान के लिए 596 केंद्र बनाए गए हैं।

108 मतदान केंद्र संवेदनशील

जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान के अनुसार, जिले के 108 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अतिसंवेदनशील बूथों पर राइफलधारी जवान तैनात रहेंगे। मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में 71 पुलिस मोबाइल दल और 71 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।

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