Rajasthan News: राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का एक बयान इस समय सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। मंत्री ने साफ किया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों का प्रदर्शन अब सीधे शिक्षकों की जवाबदेही तय करेगा।

टीचर्स को बच्चों के 50% नंबर जरूरी
मंत्री दिलावर के अनुसार, यदि छात्र 80 अंकों की लिखित परीक्षा में 40 अंक नहीं ला पाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों पर आएगी। “बच्चे भले पास हो जाएं, लेकिन मास्टरसाहब फेल हो जाएंगे,” उन्होंने कहा। यह कदम शिक्षकों को अधिक गंभीरता से पढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।
नवाचार पर फिलहाल रोक
चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान दिलावर ने कहा कि सरकार स्कूलों में कोई नया प्रयोग फिलहाल लागू नहीं करेगी। “पहले जो सुधार किए गए हैं, उनका असर देखना जरूरी है। उसके बाद ही नए बदलाव होंगे,” उन्होंने स्पष्ट किया।
क्लास में मोबाइल पर प्रतिबंध
शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब कोई भी शिक्षक कक्षा में मोबाइल लेकर नहीं जा सकेगा। इसे स्टाफ रूम के लॉकर में बंद रखना होगा। यह कदम क्लासरूम का माहौल बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।
धार्मिक गतिविधियों के लिए स्कूल में छूट नहीं
मदन दिलावर ने बताया कि स्कूल समय के दौरान पूजा-पाठ या नमाज के लिए अब कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। छात्रों को ऐसी गतिविधियों के लिए स्कूल समय के बाद ही परिसर से बाहर जाने की अनुमति होगी। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन फैसलों से पढ़ाई के स्तर में सुधार होगा और बच्चों के परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे। राजस्थान सरकार शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।
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