Rajasthan News: फतेहसागर झील के बीच स्थित नेहरू गार्डन में पर्यटकों की सुविधा के लिए उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने रेस्टोरेंट, प्री-वेडिंग शूट, स्मृति चिह्न की दुकान और वीडियो-स्टिल फोटोग्राफी के लिए निविदा जारी की है। हालांकि, निविदा में शामिल शर्तों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि ये शर्तें बाहरी ठेकेदारों को आवेदन करने से रोक रही हैं। बाहरी ठेकेदारों का आरोप है कि यूडीए ने ऐसी शर्तें लगाई हैं, जो केवल स्थानीय ठेकेदारों को ही मौका देती हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो रही हैं।

क्या है विवादित शर्तें?
निविदा की शर्तों में कहा गया है कि आवेदक का रेस्टोरेंट, कैफे या बेकरी उदयपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में होनी चाहिए। इसके अलावा, शर्त नंबर 5 में राजस्थान में पंजीकृत जीएसटी और नवीनतम जीएसटी रिटर्न मांगा गया है। शर्त नंबर 8 में ठेकेदार से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, बेकरी या कैंटीन संचालन का तीन साल का अनुभव और यूडीए क्षेत्र में संचालित इकाई का नगर निगम लाइसेंस व बिजली बिल जमा करने की शर्त है। साथ ही, 30-35 किमी के दायरे में रेस्टोरेंट या कैफे होने की अनिवार्यता रखी गई है। इन शर्तों के चलते बाहरी ठेकेदार और जिले के अन्य निवासी भी आवेदन नहीं कर पाएंगे। यूडीए ने स्पष्ट किया है कि कोई भी शर्त पूरी न होने पर निविदा रद्द कर दी जाएगी।
ठेकेदारों की आपत्ति
बाहरी ठेकेदारों का कहना है कि खुली निविदा में सभी को भाग लेने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन यूडीए की शर्तें स्पष्ट रूप से स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता दे रही हैं। उनका आरोप है कि यह प्रतिस्पर्धा को सीमित करने का प्रयास है।नेहरू गार्डन की स्थिति तीन साल के जीर्णोद्धार के बाद नेहरू गार्डन को पर्यटकों के लिए खोला गया है। इस बार गार्डन तक पहुंचने के लिए रानी रोड के छोर से सात नावों के माध्यम से आवागमन शुरू किया गया है। पर्यटक 210 रुपये का टिकट लेकर गार्डन पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां रेस्टोरेंट, कैफे या अन्य सुविधाओं की कमी के कारण निराश हो रहे हैं।
आगे क्या?
विवादित शर्तों के कारण निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि इन शर्तों के चलते न केवल प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी, बल्कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो पाएगा। यूडीए की ओर से अभी इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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