Rajasthan News: राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। यह धमकी जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम में किए गए कॉल के जरिए दी गई थी, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जांच के बाद पता चला कि यह कॉल जयपुर सेंट्रल जेल से किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी यूआर साहू के निर्देश पर पुलिस ने जेल में आरोपियों की तलाश शुरू की और अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

धमकी देने के पीछे 3 लाख रुपये के कर्ज का मामला
लाल कोठी थाना पुलिस ने इस मामले में शाहनील, वसीम खान, मनीष, विक्रम, जुनेद और अशरफ को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विक्रम ही वह व्यक्ति था जिसने उपमुख्यमंत्री को धमकी भरा फोन किया था।
पूछताछ में विक्रम ने खुलासा किया कि वह जेल में 3 लाख रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था। उसने बताया कि जेल में मोबाइल किराए पर देने का एक नेटवर्क चलता है, जिसे शाहनील नाम का व्यक्ति संचालित करता है। इस नेटवर्क के तहत कैदियों को 1 मिनट फोन पर बात करने के लिए 100 रुपये देने पड़ते थे।
जेल बदलवाने के लिए दी थी धमकी
विक्रम ने बताया कि उस पर कर्ज बढ़ता जा रहा था और वह उसे चुका नहीं पा रहा था। जब कर्जदाता उस पर दबाव डालने लगे, तो उसने सोचा कि अगर वह किसी बड़े व्यक्ति को धमकी देगा, तो पुलिस जांच के कारण उसे दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसी मंशा से उसने उपमुख्यमंत्री को धमकी देने का कदम उठाया।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जेल में अवैध रूप से चल रहे मोबाइल किराए के गिरोह का भंडाफोड़ करने में जुटी है।
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