Rajasthan News: राजस्थान में पिछले तीन वर्षों से गैर-RAS अधिकारियों को IAS में प्रमोशन देने का मामला राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित था। इस कानूनी विवाद के कारण राज्य में नॉन-RAS अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी। लेकिन अब राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए प्रमोशन का रास्ता खोल दिया है। साथ ही, कोर्ट ने RAS एसोसिएशन पर अदालत का समय बर्बाद करने के लिए ₹5 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
क्या था मामला?
RAS एसोसिएशन ने 2023 में राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गैर-RAS सेवाओं के अधिकारियों को IAS में प्रमोशन देने के नियम को चुनौती दी थी। इस याचिका के कारण कोर्ट ने नॉन-RAS अधिकारियों को IAS में प्रमोट करने पर रोक लगा दी थी। एसोसिएशन ने दावा किया था कि यह प्रक्रिया आरएएस अधिकारियों के प्रमोशन के अवसरों को कम कर देगी।

हालांकि, 5 दिसंबर 2024 को न्यायाधीश पंकज भंडारी और शुभा मेहता की खंडपीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने इसे निजी स्वार्थ से प्रेरित बताते हुए RAS एसोसिएशन पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया।
सरकार का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कोर्ट में तर्क दिया कि गैर-RAS अधिकारियों को प्रमोशन देने का निर्णय पूरी तरह से नियमों के तहत लिया गया था। इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (रिक्रूटमेंट) नियम 1954 के तहत, राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह IAS में प्रमोशन के लिए 15% पद गैर-RAS सेवाओं से भर सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल विशेष परिस्थितियों में ही नॉन-RAS अधिकारियों को प्रमोशन के लिए सिफारिश करती है। शेष 85% पद RAS अधिकारियों के लिए आरक्षित होते हैं।
RAS एसोसिएशन की आपत्ति
RAS एसोसिएशन ने अपनी याचिका में दावा किया था कि राज्य सरकार पर्याप्त RAS अधिकारियों की उपलब्धता के बावजूद नॉन-RAS अधिकारियों को IAS में प्रमोट करने की सिफारिश कर रही है। एसोसिएशन ने तर्क दिया कि सरकार को केवल विशेष परिस्थितियों में ही यह सिफारिश करनी चाहिए, जब राज्य में अन्य योग्य RAS अधिकारी उपलब्ध न हों।
हाईकोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट ने RAS एसोसिएशन के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि यह याचिका केवल प्रमोशन के अवसरों को लेकर व्यक्तिगत चिंता से प्रेरित थी। कोर्ट ने इसे अदालत के समय की बर्बादी करार दिया और एसोसिएशन पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब नॉन-RAS अधिकारियों का IAS में प्रमोशन संभव हो गया है।
राज्य में अब क्या बदलेगा?
हाईकोर्ट के इस फैसले से राजस्थान में IAS प्रमोशन की प्रक्रिया में गति आएगी। नॉन-RAS अधिकारियों को अब योग्यतानुसार प्रमोशन के अवसर मिलेंगे। वहीं, यह फैसला RAS एसोसिएशन के लिए एक बड़ा झटका है, जो इस प्रक्रिया का विरोध कर रही थी।
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