Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान निकाय चुनाव में कई जगह कांग्रेस के पास संख्या बल होने के बावजूद बोर्ड नहीं बनने के मामले की अब पार्टी स्तर पर जांच होगी। प्रदेश कांग्रेस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की अगुवाई में 9 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी अजमेर, पाली, भीलवाड़ा समेत कई निकायों में कांग्रेस प्रत्याशियों की हार, पार्षदों की कथित क्रॉस वोटिंग और पार्टी नेताओं की भूमिका की पड़ताल करेगी। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपनी है।

बढ़त के बाद भी बोर्ड क्यों नहीं बना, यही सबसे बड़ा सवाल
निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि जिन निकायों में पार्टी के पास पर्याप्त पार्षद थे, वहां भी उसके प्रत्याशी चुनाव क्यों हार गए। अजमेर और पाली में कांग्रेस पार्षदों की संख्या के लिहाज से मजबूत स्थिति में थी, लेकिन बोर्ड गठन के दौरान तस्वीर बदल गई। अब पार्टी इसी बदलाव के कारणों की जांच कराएगी।
जांच का एक अहम हिस्सा पार्षदों की क्रॉस वोटिंग और फ्लोर मैनेजमेंट से जुड़ी शिकायतें होंगी। इसके साथ स्थानीय नेताओं की भूमिका और संगठन के स्तर पर हुई कमियों को भी देखा जाएगा।
सीपी जोशी संयोजक, ये नेता कमेटी में
प्रदेश कांग्रेस की ओर से गठित कमेटी में सीपी जोशी को संयोजक बनाया गया है। रामसिंह कस्वा को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, प्रमोद जैन भाया, गणेश घोघरा, हाकम अली, शकुंतला रावत और रघुवीर सिंह राठौड़ को सदस्य बनाया गया है।
कमेटी संबंधित निकायों में जाकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत करेगी। शिकायतों और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर तथ्य जुटाए जाएंगे।
सात दिन में देनी होगी रिपोर्ट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के मुताबिक कमेटी पाली, अजमेर, भीलवाड़ा समेत कई निकायों का दौरा करेगी। इसके बाद वह बताएगी कि पार्टी की बढ़त के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशियों की हार के पीछे क्या कारण रहे।
डोटासरा ने यह भी कहा है कि जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं पार्टी के ही नेताओं की भूमिका तो नहीं रही। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पार्टी आगे का फैसला करेगी। कमेटी को सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
21 सितंबर को वेणुगोपाल ने दिए थे निर्देश
इस जांच की पृष्ठभूमि 21 सितंबर की कांग्रेस बैठक से जुड़ी है। जयपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने विधायक, सांसद और पूर्व मंत्रियों के साथ बैठक की थी। निकाय चुनाव के नतीजों की समीक्षा के दौरान कई निकायों में पार्टी की स्थिति और बोर्ड गठन के बीच अंतर पर चर्चा हुई थी।
वेणुगोपाल ने जांच कमेटी गठित कर मामले की पड़ताल करने के निर्देश दिए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उस समय कमेटी जल्द गठित करने को कहा गया था, लेकिन इसका गठन बाद में हुआ।
अब रिपोर्ट से सामने आएगा आगे क्या होगा
कमेटी के सामने सिर्फ चुनावी हार की वजह तलाशने का सवाल नहीं है। पार्टी को यह भी देखना है कि पार्षदों ने पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान किया या नहीं, स्थानीय संगठन ने कितना समन्वय किया और बोर्ड गठन के दौरान क्या हुआ।
कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा। ऐसे में अगले सात दिन की जांच पार्टी के लिए निकाय चुनाव के बाद उठे इन सवालों के जवाब तलाशने का अहम चरण होगी।
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